नई दिल्ली 26 जुलाई 2026 : आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया शनिवार को जंतर-मंतर पहुंचे, जहां कुछ लोगों ने उनका विरोध किया। विरोध कर रहे लोगों ने पंजाब में पेपर लीक के मुद्दे पर सिसोदिया से सवाल पूछे और नारेबाजी की।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित छात्र आंदोलन के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को विरोध का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन कर रहे कुछ छात्रों और युवाओं ने पंजाब में कथित पेपर लीक मामलों को लेकर उनसे सवाल पूछे और जवाब की मांग की। इस दौरान मौके पर कुछ देर के लिए तीखी बहस का माहौल भी देखने को मिला।
छात्रों का कहना था कि यदि देशभर में पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन किया जा रहा है, तो पंजाब में सामने आए कथित परीक्षा घोटालों और पेपर लीक के मामलों पर भी स्पष्ट जवाब दिया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई।
इस घटनाक्रम के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष को केवल दूसरे राज्यों के मुद्दे उठाने के बजाय अपने शासन वाले राज्यों में भी जवाबदेही तय करनी चाहिए। भाजपा ने कहा कि परीक्षा प्रणाली से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और ऐसे मामलों में राजनीति के बजाय सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
वहीं, आम आदमी पार्टी की ओर से कहा गया कि वह शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच के पक्ष में है तथा किसी भी अनियमितता पर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पेपर लीक का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। विभिन्न राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं, जबकि छात्र संगठनों की मांग है कि देशभर में परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जाए, ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित रह सके।
