लखनऊ 26 जुलाई 2026 : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 450 करोड़ रुपये के बैंक ऋण धोखाधड़ी और मनी लांड्रिंग के मामले में संतोष ओवरसीज लिमिटेड (एसओएल) के प्रमोटरों व उनके सहयोगियों के उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर, दिल्ली व पंजाब में स्थित 10 ठिकानों पर छापेमारी की।
शुक्रवार को शुरू हुई छापेमारी की कार्रवाई शनिवार तक चली। इस दौरान ईडी की टीमों ने 10.5 लाख रुपये की नकदी व 75 करोड़ रुपये की संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
ईडी ने इस मामले की जांच सीबीआई द्वारा आईडीबीआई बैंक की शिकायत पर दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। एसओएल के प्रमोटरों व उनके सहयोगियों पर आरोप है कि उन्होंने बैंकों के एक कंसोर्टियम से लिए गए करीब 450 करोड़ रुपये के ऋण का फर्जी तरीके से दुरुपयोग किया।
इससे आईडीबीआई, पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बडौदा, ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स व आईसीआईसीआई बैंकों को भारी वित्तीय नुकसान हुआ। ईडी की अभी तक की जांच में सामने आया है कि कंपनी के प्रमोटरों ने शेल कंपनियों, एंट्री ऑपरेटरों और फर्जी खरीद-बिक्री के बिलों के जरिए अपराध से अर्जित धन को छिपाने और इधर-उधर स्थानांतरित करने का नेटवर्क बनाया।
इसके लिए फर्जी या दुरुपयोग किए गए पहचान पत्रों के आधार पर कई शेल कंपनियां बनाई गईं। ईडी की टीम इस मामले में हवाला के जरिए धनराशि को इधर से उधर करने की भी जांच कर रही है।
आरोपितों के ठिकानों पर हुई दो दिनों की छापेमारी के दौरान 10.5 लाख रुपये नकदी के अलावा करीब 75 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और वित्तीय रिकॉर्ड भी बरामद किए गए हैं। ईडी इस मामले में जल्द ही कुछ और स्थानों पर छापेमारी कर सकता है।
