24 जुलाई 2026 : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 450 करोड़ रुपये के कथित बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पंजाब में आठ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई।
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी ने उन परिसरों को निशाना बनाया जो कथित तौर पर बैंक धोखाधड़ी और अवैध वित्तीय लेन-देन से जुड़े लोगों एवं संस्थाओं से संबंधित हैं। छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन से जुड़े साक्ष्य जुटाए गए हैं।
बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच
ED अधिकारियों के मुताबिक, मामला करोड़ों रुपये के बैंक ऋण में कथित अनियमितताओं और उसके बाद धन को विभिन्न माध्यमों से इधर-उधर करने से जुड़ा है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित धोखाधड़ी से प्राप्त रकम का इस्तेमाल कहां और किस प्रकार किया गया।
कई शहरों में एक साथ कार्रवाई
जांच के तहत उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पंजाब के अलग-अलग स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंकिंग रिकॉर्ड, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और अन्य वित्तीय साक्ष्य अपने कब्जे में लिए हैं, जिनकी विस्तृत जांच की जाएगी।
पूछताछ और आगे की कार्रवाई जारी
ED का कहना है कि जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल डेटा की जांच के बाद संबंधित लोगों से पूछताछ की जाएगी। यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं, तो मामले में आगे और कार्रवाई तथा अतिरिक्त तलाशी अभियान भी चलाए जा सकते हैं।
फिलहाल जांच जारी है और एजेंसी ने मामले में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
