18 जुलाई 2026 दहिसर से मुंबई आने के दौरान भारी ट्रैफिक जाम का हवाला देते हुए उपमहापौर द्वारा मुंबई में सरकारी बंगला देने की मांग किए जाने के बाद इस मुद्दे ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस पर भाजपा विधायक ऋतु तावड़े ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है।
ऋतु तावड़े ने कहा कि जनप्रतिनिधियों से जुड़े किसी भी प्रकार के आवास या अन्य सुविधाओं से संबंधित निर्णय सरकार के तय नियमों और पात्रता के आधार पर लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की मांगों पर संबंधित प्रक्रिया के अनुसार ही विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी माना कि मुंबई में ट्रैफिक जाम एक गंभीर समस्या है और इससे आम नागरिकों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों को भी परेशानी होती है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका समाधान नियमों के दायरे में रहकर ही निकाला जाना चाहिए।
इस मांग को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे जनप्रतिनिधियों की कार्यक्षमता से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि विपक्ष इसे अनावश्यक सुविधा की मांग बता रहा है।
फिलहाल इस मामले पर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है। ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन और सरकार इस मांग पर आगे क्या रुख अपनाते हैं।
