16 जुलाई 2026 एक इमिग्रेशन विशेषज्ञ का कहना है कि अमेरिका से रिवर्स माइग्रेशन (वापसी प्रवास) का सिलसिला वर्ष 2028 तक जारी रह सकता है। उनके अनुसार, अमेरिकी आव्रजन नीतियों में बदलाव, वीजा संबंधी चुनौतियां और वैश्विक रोजगार बाजार की बदलती परिस्थितियां इस रुझान को प्रभावित कर रही हैं।
विशेषज्ञ का कहना है कि हाल के वर्षों में कई भारतीय पेशेवर, छात्र और अन्य प्रवासी अमेरिका से अपने देश लौटने या अन्य देशों का रुख करने पर विचार कर रहे हैं। इसके पीछे वर्क वीजा से जुड़ी अनिश्चितता, ग्रीन कार्ड प्रक्रिया में लंबा इंतजार और रोजगार से जुड़े बदलते हालात प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत जैसे देशों में तेजी से बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम, बेहतर रोजगार अवसर और आर्थिक विकास भी रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा दे रहे हैं। इससे कुशल पेशेवरों और उद्यमियों के लिए अपने देश में नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि रिवर्स माइग्रेशन का प्रभाव प्रत्येक व्यक्ति की परिस्थितियों, पेशे और अमेरिकी नीतियों में होने वाले भविष्य के बदलावों पर भी निर्भर करेगा। आने वाले वर्षों में वैश्विक आव्रजन रुझानों पर लगातार नजर बनाए रखने की आवश्यकता होगी।
