14 जुलाई 2026 : एक शिक्षाविद् ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को केवल नौकरियां खत्म करने वाली तकनीक के रूप में देखना सही नहीं है। उनके अनुसार, AI कई पारंपरिक कार्यों में बदलाव जरूर लाएगा, लेकिन इसके साथ ही नए रोजगार और कौशल आधारित अवसर भी पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि AI के बढ़ते उपयोग से उद्योगों, शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्त और अन्य क्षेत्रों में काम करने के तरीके बदल रहे हैं। ऐसे में युवाओं को नई तकनीकों को अपनाने और अपने कौशल को लगातार अपडेट करने की आवश्यकता है, ताकि वे भविष्य की रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें।
शिक्षाविद् का मानना है कि AI मानव क्षमता का विकल्प नहीं, बल्कि उसे और अधिक प्रभावी बनाने वाला उपकरण है। उन्होंने कहा कि रचनात्मक सोच, समस्या समाधान, नेतृत्व क्षमता और भावनात्मक समझ जैसे कौशल भविष्य में भी सबसे अधिक महत्वपूर्ण बने रहेंगे।
उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों से भी पाठ्यक्रमों में AI और डिजिटल तकनीकों को शामिल करने पर जोर दिया, ताकि विद्यार्थी बदलते तकनीकी दौर के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें। उनके अनुसार, सही प्रशिक्षण और कौशल विकास के साथ AI रोजगार के नए द्वार खोल सकता है।
