7 जुलाई 2026 : हरियाणा के राइस निर्यातकों ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में लागू किए जा रहे सख्त उत्सर्जन (एमिशन) मानकों के पालन के लिए एक वर्ष की राहत देने की मांग की है। उनका कहना है कि नए नियमों को लागू करने के लिए उद्योगों को अतिरिक्त समय की आवश्यकता है।
राइस निर्यातकों का कहना है कि नए उत्सर्जन मानकों के अनुरूप संयंत्रों और उपकरणों में आवश्यक बदलाव करने में समय और वित्तीय निवेश दोनों की जरूरत होगी। उनका तर्क है कि यदि तत्काल नियम लागू किए गए तो उत्पादन और निर्यात गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।
उद्योग प्रतिनिधियों ने संबंधित विभागों से मांग की है कि उन्हें एक वर्ष का संक्रमणकाल (ट्रांजिशन पीरियड) दिया जाए, ताकि वे पर्यावरणीय मानकों का पूरी तरह पालन करने के लिए आवश्यक तकनीकी और बुनियादी ढांचा विकसित कर सकें।
दूसरी ओर, पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि उत्सर्जन मानकों का उद्देश्य वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना है। उनका मानना है कि उद्योगों को निर्धारित समयसीमा के भीतर स्वच्छ तकनीक अपनाने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, उद्योग जगत की मांग पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक गतिविधियों के बीच संतुलन बनाए रखते हुए ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
फिलहाल राइस निर्यातकों की मांग पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। उद्योग जगत को उम्मीद है कि सरकार उनकी व्यावहारिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेगी।
