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किसानों के विरोध के चलते 20 महीनों से ठप पड़ा हाइड्रोकार्बन सर्वे, परियोजना की प्रगति प्रभावित

7 जुलाई 2026 :   हाइड्रोकार्बन संसाधनों की खोज के लिए प्रस्तावित सर्वेक्षण किसानों के विरोध के कारण पिछले 20 महीनों से रुका हुआ है। लंबे समय से जारी गतिरोध के चलते परियोजना की प्रगति प्रभावित हुई है और संबंधित एजेंसियां आगे की रणनीति पर विचार कर रही हैं।

जानकारी के अनुसार, सर्वे का उद्देश्य क्षेत्र में संभावित हाइड्रोकार्बन संसाधनों का वैज्ञानिक आकलन करना था। हालांकि, किसानों ने भूमि, कृषि गतिविधियों और पर्यावरण पर संभावित प्रभावों को लेकर अपनी चिंताएं जताते हुए सर्वे का विरोध किया है।

किसान संगठनों का कहना है कि जब तक उनकी आशंकाओं का समाधान नहीं किया जाता और पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाती, तब तक वे सर्वेक्षण की अनुमति नहीं देंगे। उनका कहना है कि कृषि भूमि और आजीविका की सुरक्षा उनके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।

दूसरी ओर, संबंधित एजेंसियों का कहना है कि सर्वे केवल संसाधनों के आकलन के लिए किया जाना है और इसका उद्देश्य तत्काल किसी प्रकार का खनन कार्य शुरू करना नहीं है। अधिकारियों ने संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा संसाधनों की खोज और किसानों की चिंताओं के बीच संतुलन बनाना आवश्यक है। उनका कहना है कि पारदर्शिता, जनसंवाद और वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ने से गतिरोध समाप्त हो सकता है।

फिलहाल सर्वेक्षण कार्य शुरू होने को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। सरकार, संबंधित एजेंसियां और किसान संगठनों के बीच सहमति बनने का इंतजार किया जा रहा है।

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