चंडीगढ़ 05 जुलाई 2026 : पंजाब कांग्रेस में शुरू हुई बगावत को लेकर पार्टी हाईकमान सक्रिय हो गया है। हाईकमान की ओर से विरोधी तेवर अपनाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान में जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थकों को शांत रहने व जल्दबाजी में कोई भी निर्णय नहीं लेने को कहा है।
कहा गया है कि राहुल गांधी सात जुलाई को विदेश दौरे से लौट रहे हैं और वे लौटते ही प्रदेश के नेताओं के साथ बैठक कर इस मामले को सुलझाएंगे्। दूसरी तरफ, पंजाब प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी मौजूदा घटनाक्रम के बाद साफ किया है कि वे मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि चन्नी हमारे ताज हैं और मेरा एक मात्र उद्देश्य राज्य में कांग्रेस की सरकार का गठन करना है। इसी बीच शनिवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व पंजाब के सह प्रभारी सूरज सिंह ठाकुर चंडीगढ़ पहुंचे। सूत्रों के अनुसार उन्होंने चंडीगढ़ पहुंचने के बाद चन्नी से मुलाकात की है।
चन्नी गुट के बगावती तेवर
कांग्रेस हाईकमान की ओर से एक जुलाई को प्रदेश के नेताओं को एकजुट करने के उद्देश्य से सभी को किसी न किसी कमेटी की कमान सौंपकर उन्हें एकजुट करने का प्रयास किया था। सूची जारी होते ही और राजा वड़िंग को प्रदेश प्रधान बनाए रखने के खिलाफ चन्नी गुट ने बगावती तेवर अपना लिए।
शुक्रवार मोरिंडा में चन्नी के घर में भार संख्या में जुटे पार्टी के बड़े नेताओं ने घोषणा कर दी कि वे राजा वड़िंग को अपना प्रधान नहीं मानते। उन्होंने मांग की कि चन्नी को प्रधान बनाया जाए अथवा आगामी विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किय जाए। यही नहीं, सभी ने एकमत से चन्नी को कोई भी फैसला लेने के लिए अधिकृत कर दिया था।
क्या बोले राजा वड़िंग
चन्नी गुट के बागी होने पर शनिवार को प्रदेश प्रधान राजा वड़िंग ने चुप्पी तोड़ी। उन्होंने पार्टी में किसी भी तरह की बगावत से साफ इनकार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बनने का मेरा कोई सपना नहीं है। चन्नी साहब या कोई और भी मुख्यमंत्री का चेहरा बन सकता है। राहुल गांधी जिसे भी मुख्यमंत्री का चेहरा बनाएंगे, राजा वड़िंग उसका पूरा समर्थन करेगा।
वड़िंग ने कहा कि चन्नी पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व मुख्यमंत्री और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हैं। ऐसे में यदि कांग्रेस के कुछ नेता उनके घर पर मिलते हैं तो इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि कल कोई नेता उनके घर या सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा के घर भी मिल सकते हैं, इसका मतलब यह नहीं कि पार्टी में कोई अंदरूनी लड़ाई चल रही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और अगले एक-दो दिनों में सभी वरिष्ठ नेता एक मंच और गाड़ी पर दिखाई देंगे।
अनुशासनहीनता पर सख्त चेतावनी
राजा वड़िंग ने स्पष्ट किया कि पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है और कोई भी नेता, चाहे वह प्रदेश अध्यक्ष ही क्यों न हो, संगठन से ऊपर नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी नेताओं को अपनी मर्यादा में रहना चाहिए।
हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि चन्नी या किसी अन्य वरिष्ठ नेता ने पार्टी विरोधी कोई काम नहीं किया है, लेकिन यदि कोई पूर्व विधायक या नेता सार्वजनिक रूप से पार्टी के खिलाफ बयान देता है या अनुशासनहीनता करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नेताओं को एकजुट न करने के लिए कौन जिम्मेदार: रंधावा
पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने प्रदेश के नेताओं में गुटबाजी को समाप्त नहीं कर पाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सवाल कि आखिर दिल्ली में कई बैठकों के बावजूद पार्टी नेताओं में एकजुटता क्यों नहीं हो पाई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
खास बात यह है कि शुक्रवार को जब चन्नी गुट अलग से बैठक कर रहा था, उसी दौरान रंधावा नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे थे। दोनों की मुलाकात को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।
हालांकि बैठक के बाद रंधावा ने साफ किया था कि यह बैठक पहले से निर्धारित थी और वे सीमावर्ती जिलों की समस्याओं को लेकर शाह से मिलने पहुंचे थे। इसी मुलाकात के अगले दिन ही रंधावा का यह बयान आया है।
