25 जून 2026 : Central Bureau of Investigation ने डिजिटल अरेस्ट से जुड़े साइबर ठगी मामलों की जांच के तहत पंजाब, हरियाणा और 14 अन्य राज्यों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई देशभर में सक्रिय साइबर अपराध नेटवर्क पर शिकंजा कसने के उद्देश्य से की गई।
अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान कई संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन, लैपटॉप, बैंकिंग दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
डिजिटल अरेस्ट ठगी में अपराधी स्वयं को पुलिस, सीबीआई, ईडी, कस्टम विभाग या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को वीडियो कॉल या फोन के माध्यम से डराते हैं। इसके बाद गिरफ्तारी, मनी लॉन्ड्रिंग या अन्य कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर उनसे बड़ी रकम वसूल की जाती है।
सीबीआई का कहना है कि यह अभियान विभिन्न राज्यों की पुलिस, साइबर अपराध इकाइयों और अन्य एजेंसियों के सहयोग से चलाया गया। जांच एजेंसियां ऐसे गिरोहों के नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन और तकनीकी ढांचे की पड़ताल कर रही हैं।
अधिकारियों ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा है कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर किसी व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” नहीं करती। संदिग्ध कॉल, धमकी या धन की मांग की स्थिति में तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहिए।
जांच अभी जारी है और एजेंसियों को उम्मीद है कि जब्त किए गए डिजिटल साक्ष्यों से साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
