24 जून 2026 : Harjinder Singh Dhami ने श्री हजूर साहिब गुरुद्वारा बोर्ड एक्ट में बदलाव या उसे प्रतिस्थापित करने की किसी भी कोशिश का विरोध करते हुए इसे तुरंत रोकने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सिख संस्थाओं और धार्मिक प्रबंधन से जुड़े मामलों में समुदाय की भावनाओं और परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
धामी ने कहा कि श्री हजूर साहिब का ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में इससे संबंधित किसी भी कानूनी या प्रशासनिक बदलाव पर व्यापक विचार-विमर्श और संबंधित पक्षों से चर्चा आवश्यक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यदि बिना पर्याप्त परामर्श के किसी प्रकार का परिवर्तन किया जाता है, तो इससे सिख समुदाय में चिंता और असंतोष पैदा हो सकता है। उन्होंने केंद्र और संबंधित अधिकारियों से मौजूदा व्यवस्था में हस्तक्षेप न करने की अपील की।
एसजीपीसी प्रमुख का कहना है कि धार्मिक संस्थाओं के प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर निर्णय लेते समय परंपरागत व्यवस्थाओं और समुदाय की भावनाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने इस विषय पर सिख संगठनों और समुदाय के प्रतिनिधियों से संवाद की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
इस मुद्दे को लेकर विभिन्न सिख संगठनों और धार्मिक नेताओं की ओर से भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई पक्षों का मानना है कि किसी भी प्रस्तावित बदलाव से पहले व्यापक सहमति बनाना आवश्यक है।
फिलहाल इस विषय पर चर्चा जारी है और धार्मिक व राजनीतिक हलकों में इसे महत्वपूर्ण मुद्दे के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में संबंधित पक्षों की ओर से और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।
