23 जून 2026 : एक विशेषज्ञ ने युवाओं से आह्वान किया है कि वे केवल नौकरी तलाशने की मानसिकता तक सीमित न रहें, बल्कि ऐसे कौशल और दृष्टिकोण विकसित करें जो उन्हें रोजगार देने वाला उद्यमी बनने में सक्षम बनाएं। उनका कहना है कि देश के आर्थिक विकास और नवाचार को गति देने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
विशेषज्ञ के अनुसार, बदलते आर्थिक परिदृश्य में उद्यमिता, नवाचार और स्वरोजगार के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में युवाओं को नए विचारों, तकनीक और व्यावसायिक कौशल के माध्यम से अपने लिए और दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी प्राप्त करना नहीं, बल्कि समस्याओं का समाधान खोजने और मूल्य सृजन की क्षमता विकसित करना भी होना चाहिए। यदि युवा उद्यमशील सोच अपनाते हैं, तो वे स्थानीय स्तर पर भी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दे सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्टार्टअप, लघु उद्योग और नवाचार आधारित व्यवसाय न केवल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाते हैं, बल्कि समाज में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करते हैं। इसके लिए प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन जैसी सुविधाओं का प्रभावी उपयोग किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान युवाओं को कौशल विकास, नेतृत्व क्षमता और जोखिम लेने की सकारात्मक सोच विकसित करने पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि सफलता के लिए निरंतर सीखना, अनुकूलन क्षमता और दृढ़ संकल्प आवश्यक हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युवा रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ते हैं, तो इससे न केवल उनकी व्यक्तिगत प्रगति होगी बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास को भी नई गति मिलेगी।
