19 जून 2026 : केंद्र सरकार ने ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए देशभर के गांवों की आंतरिक सड़कों को यूनिक पहचान संख्या (यूनिक कोड) देने की योजना शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण सड़कों का सटीक रिकॉर्ड तैयार करना, उनकी निगरानी को बेहतर बनाना और विकास कार्यों में पारदर्शिता लाना है।
Ministry of Rural Development की इस पहल के तहत गांवों के भीतर मौजूद सड़कों की डिजिटल मैपिंग की जाएगी और प्रत्येक सड़क को एक विशिष्ट कोड आवंटित किया जाएगा। इससे सड़क निर्माण, मरम्मत और रखरखाव से संबंधित जानकारी को केंद्रीकृत रूप से दर्ज और ट्रैक किया जा सकेगा।
अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में कई ग्रामीण क्षेत्रों में आंतरिक सड़कों का व्यवस्थित और अद्यतन रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसी भी सड़क की पहचान, उसकी लंबाई, स्थिति और विकास कार्यों की जानकारी आसानी से प्राप्त की जा सकेगी।
यह पहल ग्रामीण विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में भी मदद करेगी। यूनिक कोडिंग प्रणाली के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सड़क निर्माण और रखरखाव के लिए आवंटित धनराशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के अनुसार हो रहा है या नहीं। इससे योजनाओं की निगरानी और जवाबदेही भी बढ़ेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से आपदा प्रबंधन, ग्रामीण परिवहन और आपातकालीन सेवाओं को भी लाभ मिलेगा। किसी गांव की सड़क की सटीक पहचान होने से राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा।
India में ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए पिछले वर्षों में कई योजनाएं चलाई गई हैं। अब आंतरिक सड़कों की कोडिंग को ग्रामीण बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं की योजना बनाने और उन्हें समयबद्ध तरीके से लागू करने में भी सहायता मिलेगी।
