18 जून 2026 : Haryana Public Service Commission द्वारा आयोजित हरियाणा सिविल सेवा (HCS) प्रारंभिक परीक्षा की उत्तर कुंजी (आंसर-की) को चुनौती देने वाली याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया है। इस फैसले के साथ परीक्षा प्रक्रिया को लेकर चल रहा एक महत्वपूर्ण कानूनी विवाद फिलहाल समाप्त हो गया है।
याचिकाकर्ताओं ने दावा किया था कि प्रारंभिक परीक्षा की कुछ उत्तर कुंजियों में त्रुटियां हैं, जिससे अभ्यर्थियों के परिणाम प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने अदालत से उत्तर कुंजी की समीक्षा और आवश्यक संशोधन के निर्देश देने की मांग की थी।
हालांकि सुनवाई के दौरान अदालत ने उपलब्ध तथ्यों और संबंधित पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद याचिका को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। अदालत ने माना कि परीक्षा प्रक्रिया में अनावश्यक हस्तक्षेप उचित नहीं होगा, विशेषकर तब जब संबंधित प्राधिकरण निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्य कर चुका हो।
Haryana की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा में हर वर्ष बड़ी संख्या में उम्मीदवार भाग लेते हैं। ऐसे में उत्तर कुंजी और परिणामों से जुड़े विवाद अक्सर अभ्यर्थियों के बीच चर्चा का विषय बन जाते हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि न्यायालय आमतौर पर शैक्षणिक और परीक्षा संबंधी मामलों में तभी हस्तक्षेप करता है जब स्पष्ट रूप से गंभीर त्रुटि, नियमों का उल्लंघन या प्रक्रिया में बड़ी अनियमितता दिखाई दे।
अदालत के इस निर्णय के बाद अब HCS भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है। अभ्यर्थियों की नजर अब परीक्षा के अगले चरणों और आयोग की आगामी घोषणाओं पर रहेगी।
