18 जून 2026 : Dharam Chhoker को कथित तौर पर प्रभावित घर खरीदारों को धन लौटाने के मामले में Supreme Court of India से राहत नहीं मिली है। अदालत ने उनसे उन खरीदारों के लिए एक ठोस और व्यावहारिक पुनर्भुगतान (रिपेमेंट) योजना पेश करने को कहा है, जिन्होंने आवासीय परियोजनाओं में निवेश किया था और कथित रूप से नुकसान उठाया।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान इस बात पर जोर दिया कि घर खरीदारों के हितों की रक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए। अदालत ने पूछा कि प्रभावित लोगों को उनकी राशि वापस करने के लिए क्या व्यवस्था की जाएगी और इसके लिए क्या समयसीमा होगी।
मामला उन खरीदारों से जुड़ा है जिन्होंने आवासीय परियोजनाओं में निवेश किया था, लेकिन उन्हें समय पर मकान या अपेक्षित लाभ नहीं मिल सका। इस कारण कई खरीदार लंबे समय से न्याय और धनवापसी की मांग कर रहे हैं।
Haryana से जुड़े इस मामले पर अदालत की नजर बनी हुई है। न्यायालय ने संकेत दिया कि प्रभावित लोगों को राहत दिलाने के लिए स्पष्ट और भरोसेमंद योजना आवश्यक है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत का यह रुख उन मामलों में महत्वपूर्ण है जहां बड़ी संख्या में घर खरीदार वित्तीय रूप से प्रभावित हुए हैं। इससे यह संदेश भी जाता है कि रियल एस्टेट परियोजनाओं में निवेशकों के हितों की सुरक्षा को गंभीरता से लिया जा रहा है।
फिलहाल अदालत ने धर्म चोकर को अपनी प्रस्तावित योजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई में अदालत योजना की व्यवहारिकता और प्रभावित खरीदारों को मिलने वाली राहत पर विचार कर सकती है।
