17 जून 2026 : खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर लोगों और पुलिसकर्मियों पर रौब झाड़ने वाले एक युवक की पोल तब खुल गई, जब उसने असली पुलिसकर्मियों से ही सवाल करना शुरू कर दिया। आरोपी कथित तौर पर पुलिस वर्दी और अधिकारी जैसी पहचान का इस्तेमाल कर खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताता था।
जानकारी के अनुसार, आरोपी ने ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों से पूछा कि उसे सैल्यूट क्यों नहीं किया गया और उनकी टोपी कहां है। उसके व्यवहार और बातचीत पर संदेह होने के बाद पुलिसकर्मियों ने उसकी पहचान की जांच शुरू की।
जांच के दौरान आरोपी अपने पद और तैनाती से संबंधित जानकारी का संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद अधिकारियों ने उसके दस्तावेजों और दावों की पड़ताल की, जिसमें पता चला कि वह वास्तविक आईपीएस अधिकारी नहीं है।
Police ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसने फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर किसी प्रकार का लाभ तो नहीं लिया और कितने लोगों को गुमराह किया।
अधिकारियों का कहना है कि सरकारी पदों और वर्दी का दुरुपयोग गंभीर अपराध है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अधिकारी की पहचान को लेकर संदेह होने पर संबंधित विभाग से सत्यापन अवश्य करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
