17 जून 2026 : Punjab में एनआरआई विवाहों से जुड़ी गंभीर समस्या एक बार फिर चर्चा में है। National Commission for Women (एनसीडब्ल्यू) की प्रमुख ने दावा किया है कि राज्य में लगभग 32,000 महिलाएं ऐसी हैं जिन्हें उनके एनआरआई पतियों ने छोड़ दिया है।
उन्होंने कहा कि विदेश में बसे भारतीयों से विवाह के बाद कई महिलाओं को धोखाधड़ी, परित्याग और कानूनी जटिलताओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों में पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है।
एनसीडब्ल्यू प्रमुख के अनुसार, पंजाब उन राज्यों में शामिल है जहां एनआरआई विवाहों से जुड़े विवादों और शिकायतों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक रही है। आयोग लगातार ऐसे मामलों की निगरानी कर रहा है और प्रभावित महिलाओं को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
महिला अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस समस्या के समाधान के लिए विवाह पंजीकरण, विदेश में रहने वाले जीवनसाथी की जानकारी का सत्यापन और अंतरराष्ट्रीय कानूनी सहयोग को मजबूत करना जरूरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एनआरआई विवाहों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानूनी प्रावधानों के साथ-साथ जागरूकता अभियान भी चलाए जाने चाहिए, ताकि महिलाओं को धोखाधड़ी और शोषण से बचाया जा सके।
