8 जून 2026 : Delhi में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ई-ड्राइव (PM E-DRIVE) योजना के तहत राजधानी के बस बेड़े में 2,800 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जाएंगी। इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर, स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।
नई ई-बसों के शामिल होने से दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को महत्वपूर्ण मजबूती मिलेगी। सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसों के बढ़ते उपयोग से प्रदूषण कम करने और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और आधुनिक यात्रा अनुभव प्राप्त होगा।
अधिकारियों के अनुसार, नई बसों को चरणबद्ध तरीके से विभिन्न रूटों पर तैनात किया जाएगा। इससे मौजूदा बस सेवाओं की क्षमता बढ़ेगी और यात्रियों की बढ़ती संख्या को बेहतर ढंग से संभाला जा सकेगा। विशेष रूप से व्यस्त मार्गों और अधिक मांग वाले क्षेत्रों में इन बसों का संचालन प्राथमिकता के आधार पर किया जा सकता है।
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से ईंधन लागत में कमी और कार्बन उत्सर्जन घटाने में भी सहायता मिलेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े शहरों में इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना वायु प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सरकार पहले से ही हरित और स्वच्छ परिवहन प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए कई पहलें कर रही है। पीएम ई-ड्राइव योजना भी इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। नई बसों के आने से दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क का आधुनिकीकरण और तेज होने की उम्मीद है।
परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि ई-बसों की संख्या बढ़ने से निजी वाहनों पर निर्भरता कम हो सकती है, जिससे ट्रैफिक दबाव और प्रदूषण दोनों में कमी आएगी। साथ ही यात्रियों को अधिक सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुविधा भी मिलेगी।
दिल्ली में पहले से संचालित इलेक्ट्रिक बसों को यात्रियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। नई 2,800 बसों के शामिल होने के बाद राजधानी देश के सबसे बड़े इलेक्ट्रिक बस नेटवर्क वाले शहरों में और अधिक मजबूत स्थिति में पहुंच सकती है।
