8 जून 2026 : Bharatiya Janata Party ने पंजाब में मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के राजनीतिक गढ़ में अपनी पहुंच मजबूत करने की कोशिश के तहत Maharaja Ranjit Singh की विरासत को प्रमुखता से उठाया है। इस कदम को राज्य में भाजपा की राजनीतिक रणनीति और जनसंपर्क अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।
भाजपा नेताओं ने विभिन्न कार्यक्रमों और सभाओं के दौरान महाराजा रणजीत सिंह के योगदान, नेतृत्व और पंजाब के इतिहास में उनकी भूमिका का उल्लेख किया। पार्टी का कहना है कि महाराजा रणजीत सिंह की विरासत पूरे पंजाब की साझा धरोहर है और नई पीढ़ी को उनके जीवन एवं उपलब्धियों से प्रेरणा लेनी चाहिए।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान के प्रभाव वाले क्षेत्रों में भाजपा की सक्रियता बढ़ना राज्य की बदलती राजनीतिक रणनीतियों का संकेत माना जा रहा है। पार्टी लगातार पंजाब में अपने संगठन को मजबूत करने और विभिन्न सामाजिक वर्गों तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रही है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि पंजाब की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से महाराजा रणजीत सिंह से जुड़े कार्यक्रमों और अभियानों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐतिहासिक व्यक्तित्वों की विरासत को लेकर विभिन्न दल समय-समय पर जनता से जुड़ने का प्रयास करते हैं। पंजाब जैसे राज्य में, जहां इतिहास और सांस्कृतिक पहचान का राजनीतिक महत्व भी है, ऐसे अभियान विशेष ध्यान आकर्षित करते हैं।
इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है। समर्थक इसे पंजाब की विरासत को सम्मान देने का प्रयास बता रहे हैं, जबकि विरोधी दल इसे राजनीतिक रणनीति के रूप में देख रहे हैं।
फिलहाल भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों के बीच पंजाब की राजनीतिक जमीन को लेकर प्रतिस्पर्धा जारी है। आने वाले समय में ऐसे जनसंपर्क अभियानों और राजनीतिक गतिविधियों में और तेजी देखने को मिल सकती है।
