2 जून 2026 : शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की कार्यकारी समिति ने निर्णय लिया है कि 328 स्वरूप (पवित्र ग्रंथों की प्रतियों) से जुड़े मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) को आवश्यक जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे, लेकिन समिति के प्रतिनिधि जांच प्रक्रिया में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं होंगे।
यह मामला लंबे समय से चर्चा में है और इससे संबंधित जांच विभिन्न स्तरों पर जारी है। एसजीपीसी का कहना है कि वह कानून के दायरे में रहते हुए जांच एजेंसियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करेगी।
बैठक के दौरान समिति सदस्यों ने इस संवेदनशील विषय पर विचार-विमर्श किया। सूत्रों के अनुसार, एसजीपीसी का रुख है कि जांच एजेंसियों को मांगी गई सूचनाएं उपलब्ध कराई जाएं ताकि तथ्यों को स्पष्ट किया जा सके।
विशेष जांच दल इस मामले से जुड़े दस्तावेजों, रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों की जांच कर रहा है। जांच का उद्देश्य घटनाक्रम से संबंधित परिस्थितियों और जिम्मेदारियों का पता लगाना है।
धार्मिक और प्रशासनिक मामलों के जानकारों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में पारदर्शिता और संस्थागत सहयोग महत्वपूर्ण होता है। साथ ही जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित बनाए रखना भी आवश्यक है।
पंजाब में यह मामला सिख समुदाय और धार्मिक संस्थाओं के बीच लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। विभिन्न पक्ष जांच पूरी होने और तथ्यों के सार्वजनिक होने का इंतजार कर रहे हैं।
फिलहाल, एसजीपीसी ने स्पष्ट किया है कि वह एसआईटी को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएगी और जांच में कानूनी रूप से अपेक्षित सहयोग जारी रखेगी।
