25 मई 2026 : योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में बढ़ती गर्मी और बिजली की मांग को देखते हुए अधिकारियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने बिजली कटौती पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि सभी उत्पादन इकाइयों को पूरी क्षमता से संचालित किया जाए।
जानकारी के अनुसार, प्रदेश में भीषण गर्मी के चलते बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। कई क्षेत्रों से बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की शिकायतें सामने आने के बाद सरकार ने ऊर्जा विभाग और संबंधित एजेंसियों को सतर्क रहने को कहा है।
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड और ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को बिजली आपूर्ति व्यवस्था की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित न हो और तकनीकी खराबियों को तुरंत दूर किया जाए।
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों के दौरान एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य उपकरणों के बढ़ते उपयोग के कारण बिजली की मांग अचानक काफी बढ़ जाती है, जिससे ग्रिड पर दबाव बढ़ सकता है।
उत्तर प्रदेश देश के सबसे अधिक आबादी वाले राज्यों में शामिल है, जहां बिजली की मांग और वितरण व्यवस्था का प्रबंधन बड़ी चुनौती माना जाता है।
सूत्रों के अनुसार, सरकार ने सभी बिजली उत्पादन इकाइयों को चालू रखने और आवश्यक ईंधन उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है।
भारत के कई राज्यों में इस समय भीषण गर्मी के कारण बिजली की खपत रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण तीनों स्तरों पर समन्वय जरूरी होता है।
उद्योग और व्यापार क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि लगातार बिजली उपलब्ध रहने से आर्थिक गतिविधियों और छोटे कारोबारों को भी राहत मिलती है।
फिलहाल, ऊर्जा विभाग बिजली व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है और विभिन्न जिलों में आपूर्ति की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। सरकार का कहना है कि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
यह घटनाक्रम यह दर्शाता है कि बढ़ती गर्मी और ऊर्जा मांग के बीच राज्यों के लिए बिजली आपूर्ति प्रबंधन एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती बनता जा रहा है।
