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हरियाणा सरकार ने सूरजमुखी खरीद प्रक्रिया 25 मई तक बढ़ाने का फैसला किया

25 मई 2026 :  हरियाणा सरकार ने किसानों को राहत देते हुए सूरजमुखी फसल की सरकारी खरीद की अवधि 25 मई तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस फैसले का उद्देश्य अधिक किसानों को अपनी उपज बेचने का अवसर देना और खरीद प्रक्रिया को सुचारु बनाना बताया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, कई किसानों और कृषि संगठनों की ओर से खरीद अवधि बढ़ाने की मांग उठाई जा रही थी। इसके बाद सरकार ने खरीद व्यवस्था की समीक्षा कर समय बढ़ाने का फैसला लिया।

हरियाणा सरकार का कहना है कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) प्रणाली का लाभ सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, कुछ क्षेत्रों में मौसम, परिवहन और मंडियों में भीड़ जैसी वजहों से किसान समय पर अपनी फसल नहीं बेच पाए थे। ऐसे में अतिरिक्त समय देने को राहत के रूप में देखा जा रहा है।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि सूरजमुखी जैसी तिलहन फसलों को बढ़ावा देना खाद्य तेल उत्पादन बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है।

कृषि विज्ञान से जुड़े जानकारों के अनुसार, फसल विविधीकरण के लिए सूरजमुखी जैसी फसलों को प्रोत्साहन देना किसानों और पर्यावरण दोनों के लिए लाभकारी हो सकता है।

हरियाणा में सरकार पिछले कुछ समय से धान-गेहूं चक्र से बाहर निकलकर वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है।

किसानों का कहना है कि समय पर खरीद और भुगतान कृषि अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। कई किसान सरकारी खरीद प्रणाली पर निर्भर रहते हैं।

भारत में MSP और सरकारी खरीद को लेकर समय-समय पर किसानों और सरकार के बीच चर्चा और मांगें उठती रही हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि खरीद प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध हो तो किसानों का वैकल्पिक फसलों की ओर रुझान बढ़ सकता है।

फिलहाल, मंडियों में खरीद कार्य जारी है और संबंधित विभागों को व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार आने वाले समय में फसल विविधीकरण और तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर और जोर दे सकती है।

यह घटनाक्रम यह दर्शाता है कि कृषि नीति में अब जल संरक्षण, वैकल्पिक खेती और किसानों की आय बढ़ाने पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है।

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