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मुंबई मेट्रो एक्वा लाइन के यात्रियों को सुरंगों में भी मोबाइल कनेक्टिविटी मिलेगी

23 मई 2026 :

मुंबई में मुंबई मेट्रो एक्वा लाइन से सफर करने वाले यात्रियों को जल्द बड़ी राहत मिलने वाली है। मेट्रो के भूमिगत सुरंगों में “नो नेटवर्क” की समस्या खत्म करने की तैयारी की जा रही है, जिससे यात्रियों को सफर के दौरान लगातार मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी मिल सकेगी।

जानकारी के अनुसार, अभी तक भूमिगत मेट्रो सुरंगों में प्रवेश करते ही मोबाइल नेटवर्क कमजोर या पूरी तरह बंद हो जाता था। इससे यात्रियों को कॉल ड्रॉप, इंटरनेट रुकने और संपर्क टूटने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।

सूत्रों के मुताबिक, मेट्रो प्रशासन दूरसंचार कंपनियों के साथ मिलकर सुरंगों में विशेष नेटवर्क सिस्टम स्थापित कर रहा है। इसके तहत सिग्नल रिपीटर, फाइबर नेटवर्क और आधुनिक संचार उपकरण लगाए जा रहे हैं, ताकि पूरे मार्ग में बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध हो सके।

तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि भूमिगत सुरंगों में मोबाइल नेटवर्क पहुंचाना चुनौतीपूर्ण कार्य होता है, क्योंकि मोटी कंक्रीट संरचनाएं और गहराई रेडियो सिग्नल को प्रभावित करती हैं। हालांकि, नई तकनीकों की मदद से अब यह संभव हो रहा है।

मुंबई में तेजी से बढ़ती आबादी और ट्रैफिक दबाव के कारण मेट्रो सार्वजनिक परिवहन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनती जा रही है। ऐसे में यात्रियों के लिए निर्बाध डिजिटल कनेक्टिविटी को भी आवश्यक सुविधा माना जा रहा है।

यात्रियों का कहना है कि यात्रा के दौरान लगातार इंटरनेट और कॉल सुविधा मिलने से कामकाज, ऑनलाइन भुगतान, नेविगेशन और परिवार से संपर्क बनाए रखना आसान होगा।

भारत के कई बड़े शहरों में मेट्रो नेटवर्क के साथ डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को भी आधुनिक बनाया जा रहा है। दिल्ली, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों में भी भूमिगत मेट्रो नेटवर्क में कनेक्टिविटी सुधारने पर काम किया गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बेहतर नेटवर्क सुविधा केवल सुविधा का मामला नहीं है, बल्कि सुरक्षा और आपातकालीन संचार के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।

फिलहाल, नेटवर्क सिस्टम की तकनीकी जांच और इंस्टॉलेशन का काम जारी है। अधिकारियों के अनुसार, व्यवस्था पूरी तरह लागू होने के बाद यात्रियों को सुरंगों के भीतर भी निर्बाध मोबाइल सेवा मिल सकेगी।

यह घटनाक्रम यह दर्शाता है कि आधुनिक शहरी परिवहन व्यवस्था में डिजिटल कनेक्टिविटी अब बुनियादी सुविधा का हिस्सा बनती जा रही है।

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