22 मई 2026 : हरियाणा रेरा (RERA) ने खरीदारों के बकाया भुगतान से जुड़े मामले में TDI समूह के पांच निदेशकों को जेल भेजने का आदेश दिया है। इस फैसले को रियल एस्टेट क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, मामला घर खरीदारों के बकाया भुगतान और परियोजना से जुड़े वित्तीय दायित्वों को लेकर था। आरोप है कि संबंधित खरीदारों को लंबे समय से भुगतान और अन्य लाभ नहीं मिल पाए थे।
TDI Infratech से जुड़े निदेशकों के खिलाफ कार्रवाई RERA के आदेशों का पालन न करने के आधार पर की गई बताई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, कई खरीदारों ने परियोजनाओं में देरी, भुगतान विवाद और वादों के पालन न होने को लेकर शिकायतें दर्ज कराई थीं। इसके बाद मामले की सुनवाई की गई।
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि RERA कानून लागू होने के बाद घर खरीदारों को कानूनी सुरक्षा और शिकायत निवारण के लिए अधिक मजबूत मंच मिला है।
हरियाणा में पिछले कुछ वर्षों में रियल एस्टेट परियोजनाओं और बिल्डरों से जुड़े कई मामलों में RERA सक्रिय भूमिका निभाता रहा है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी डेवलपर या कंपनी द्वारा नियामकीय आदेशों की अवहेलना की जाती है, तो RERA के पास दंडात्मक कार्रवाई करने का अधिकार होता है।
भारत में रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम यानी RERA का उद्देश्य घर खरीदारों के हितों की रक्षा और रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाना है।
घर खरीदारों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे रियल एस्टेट कंपनियों की जवाबदेही तय करने में मदद मिलेगी।
फिलहाल, मामले में आगे कानूनी प्रक्रिया जारी रह सकती है और संबंधित पक्ष उच्च अदालतों का रुख भी कर सकते हैं।
यह घटनाक्रम यह दर्शाता है कि रियल एस्टेट क्षेत्र में नियामकीय संस्थाएं अब खरीदारों के हितों की सुरक्षा को लेकर अधिक सख्त रुख अपना रही हैं।
