21 मई 2026 : भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों को 23 मई तक बंद रखने का आदेश जारी किया है। जिलाधिकारी (DM) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया।
जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में तापमान लगातार बढ़ रहा है और दोपहर के समय लू जैसी स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग द्वारा भी अत्यधिक गर्मी को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
जिला प्रशासन ने आदेश में कहा कि भीषण गर्मी का असर विशेष रूप से छोटे बच्चों पर पड़ सकता है, इसलिए एहतियात के तौर पर स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी और हीटवेव के दौरान बच्चों में डिहाइड्रेशन, थकान और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, उत्तर भारत के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है और आने वाले दिनों में भी गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है।
सूत्रों के मुताबिक, आदेश सरकारी और निजी दोनों प्रकार के स्कूलों पर लागू हो सकता है। हालांकि, कुछ स्थानों पर ऑनलाइन पढ़ाई या प्रशासनिक कार्य जारी रखे जा सकते हैं।
अभिभावकों ने प्रशासन के फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि तेज गर्मी में बच्चों को स्कूल भेजना स्वास्थ्य के लिहाज से जोखिम भरा हो सकता है।
भारत के कई राज्यों में इस समय भीषण गर्मी और लू का असर देखने को मिल रहा है, जिसके चलते स्कूलों के समय में बदलाव और छुट्टियों की घोषणाएं की जा रही हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है।
फिलहाल, जिला प्रशासन मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। यदि गर्मी का असर जारी रहता है तो आगे भी अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं।
यह घटनाक्रम यह दर्शाता है कि बढ़ती गर्मी और बदलते मौसम के बीच छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना प्रशासन के लिए बेहद जरूरी हो गया है।
