21 मई 2026 : हरियाणा सरकार ने राज्य के स्कूलों में 25 मई से 30 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिया है। बढ़ती गर्मी और मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
जानकारी के अनुसार, यह अवकाश सरकारी और कई निजी स्कूलों पर भी लागू हो सकता है। शिक्षा विभाग की ओर से संबंधित निर्देश जारी किए गए हैं ताकि छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को गर्मी से राहत मिल सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर भारत में मई और जून के दौरान तापमान काफी बढ़ जाता है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। ऐसे में स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां जरूरी मानी जाती हैं।
हरियाणा शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि अवकाश अवधि के दौरान आवश्यक प्रशासनिक और शैक्षणिक तैयारियां समय पर पूरी की जाएं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय क्षेत्र में हीटवेव और अत्यधिक तापमान की स्थिति देखने को मिल सकती है। इसलिए बच्चों को धूप और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।
भारत के कई राज्यों में हर वर्ष मई-जून के दौरान ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किए जाते हैं।
अभिभावकों और छात्रों ने छुट्टियों के फैसले का स्वागत किया है। कई परिवार इस दौरान बच्चों की पढ़ाई, यात्रा और अन्य गतिविधियों की योजना बनाते हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे अवकाश के दौरान छात्रों को रचनात्मक गतिविधियों, पढ़ाई और कौशल विकास से जुड़े कार्यों में शामिल किया जा सकता है।
हरियाणा में स्कूल दोबारा खुलने के बाद नए शैक्षणिक सत्र की गतिविधियां और परीक्षाओं से जुड़ी तैयारियां आगे बढ़ाई जाएंगी।
फिलहाल, स्कूलों में अवकाश को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और छात्रों में छुट्टियों को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।
यह घटनाक्रम यह दर्शाता है कि बढ़ती गर्मी और मौसम संबंधी परिस्थितियों को देखते हुए छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जा रही है।
