20 मई 2026 : स्वर्ण मंदिर जाने वाले मार्गों पर गंदगी, कचरे के ढेर और ओवरफ्लो होते नालों की समस्या सामने आने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति को लेकर प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, मंदिर की ओर जाने वाले कुछ रास्तों पर जलनिकासी व्यवस्था प्रभावित होने से नालों का पानी सड़कों पर फैल रहा है। इसके साथ ही कई स्थानों पर कचरे के ढेर जमा होने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
श्रद्धालुओं का कहना है कि देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग स्वर्ण मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते हैं, ऐसे में साफ-सफाई और बेहतर नागरिक सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बारिश और नियमित सफाई में कमी के कारण स्थिति और खराब हो जाती है। कुछ इलाकों में दुर्गंध और गंदगी के कारण लोगों को आवाजाही में भी कठिनाई हो रही है।
अमृतसर धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण शहर माना जाता है। यहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक स्थलों के आसपास स्वच्छता और जलनिकासी व्यवस्था मजबूत होना बेहद जरूरी है, क्योंकि इसका सीधा असर सार्वजनिक स्वास्थ्य और शहर की छवि पर पड़ता है।
अमृतसर नगर निगम से संबंधित अधिकारियों ने क्षेत्र में सफाई और जलनिकासी व्यवस्था सुधारने के प्रयासों की बात कही है। प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त सफाई और नालों की सफाई का काम तेज करने की संभावना जताई गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक गंदगी और जलभराव रहने से संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
भारत में कई बड़े धार्मिक स्थलों पर त्योहारों और पर्यटन सीजन के दौरान स्वच्छता बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है।
स्थानीय व्यापारियों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से स्थायी समाधान और नियमित निगरानी की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
फिलहाल, संबंधित विभाग स्थिति सुधारने और सफाई व्यवस्था बेहतर करने के लिए कार्रवाई में जुटे हुए हैं।
यह घटनाक्रम यह दर्शाता है कि धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता तथा बुनियादी नागरिक सुविधाओं का प्रभावी प्रबंधन कितना महत्वपूर्ण है।
