15 मई 2026 : जालंधर में ‘गेम ऑफ किंग्स’ के नाम से मशहूर शतरंज तेजी से लोकप्रिय होता जा रहा है और इसके लिए ऑनलाइन कोचिंग का चलन भी काफी बढ़ गया है।
बड़ी संख्या में बच्चे और युवा अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए शतरंज सीखने और अपनी रणनीतिक क्षमता बढ़ाने में रुचि दिखा रहे हैं।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि शतरंज मानसिक विकास, एकाग्रता और निर्णय क्षमता को मजबूत करने वाला खेल है।
ऑनलाइन कोचिंग के माध्यम से खिलाड़ियों को घर बैठे अनुभवी प्रशिक्षकों से सीखने का अवसर मिल रहा है, जिससे इसकी पहुंच और बढ़ी है।
अभिभावकों के बीच भी इस खेल को लेकर सकारात्मक रुझान देखा जा रहा है क्योंकि इसे बौद्धिक विकास से जोड़ा जाता है।
स्थानीय स्तर पर शतरंज प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण शिविरों की संख्या में भी बढ़ोतरी होने की बात कही जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल माध्यमों ने पारंपरिक खेलों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कुल मिलाकर जालंधर में शतरंज और ऑनलाइन कोचिंग की बढ़ती लोकप्रियता खेल संस्कृति में सकारात्मक बदलाव का संकेत मानी जा रही है।
