11 मई 2026 : शिवालिक क्षेत्र में पंजाब की फार्म स्टे नीति को लेकर पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने गंभीर चिंता जताई है।
ग्रीन एक्टिविस्ट्स का आरोप है कि यह नीति संवेदनशील पर्यावरणीय क्षेत्रों में फार्महाउस निर्माण का अप्रत्यक्ष रास्ता बन सकती है।
जानकारी के अनुसार कार्यकर्ताओं का कहना है कि शिवालिक क्षेत्र पहले से ही पर्यावरणीय दृष्टि से नाजुक माना जाता है और यहां अनियंत्रित निर्माण गतिविधियां प्राकृतिक संतुलन को प्रभावित कर सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी और वन क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं के दौरान पर्यावरणीय प्रभावों का गहन अध्ययन जरूरी होता है।
कार्यकर्ताओं ने सरकार से नीति की समीक्षा करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए सख्त नियम लागू करने की मांग की है।
दूसरी ओर, नीति समर्थकों का कहना है कि फार्म स्टे परियोजनाएं ग्रामीण पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा दे सकती हैं।
इस मुद्दे को लेकर पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास के बीच संतुलन की बहस तेज हो गई है।
कुल मिलाकर पंजाब की फार्म स्टे नीति को लेकर उठे सवालों ने शिवालिक क्षेत्र में पर्यावरणीय सुरक्षा और विकास मॉडल पर नई चर्चा शुरू कर दी है।
