9 मई 2026 : लखीमपुर खीरी हिंसा मामला से जुड़े मामले में सुनवाई के दौरान गवाहों के लगातार पेश न होने पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है।
मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री के बेटे पर मुकदमा चल रहा है और अदालत ने सुनवाई में हो रही देरी पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
जानकारी के अनुसार कई गवाह निर्धारित तारीखों पर अदालत में उपस्थित नहीं हुए, जिससे ट्रायल प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि न्याय प्रक्रिया में देरी स्वीकार्य नहीं है और गवाहों की अनुपस्थिति मामले की सुनवाई को प्रभावित कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि संवेदनशील मामलों में समयबद्ध सुनवाई और गवाहों की सुरक्षा एवं उपस्थिति सुनिश्चित करना बेहद जरूरी होता है।
अदालत ने संबंधित अधिकारियों से मामले में आवश्यक कदम उठाने और ट्रायल प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दिया।
इस केस को लेकर पहले से ही राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर व्यापक चर्चा होती रही है।
कुल मिलाकर लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में गवाहों की गैरहाजिरी पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी ने न्यायिक प्रक्रिया और ट्रायल व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
