6 मई 2026 : पंजाब के फगवाड़ा में मुख्यमंत्री भगवंत मान की ‘शुकराना यात्रा’ के दौरान होने वाले ठहराव से पहले शहर में अचानक किए गए मरम्मत कार्यों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय स्तर पर किए जा रहे “लास्ट-मिनट पैचवर्क” ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन सड़कों और इलाकों की लंबे समय से मरम्मत नहीं हुई थी, वहां अचानक तेजी से काम शुरू कर दिया गया है। यह काम विशेष रूप से उन मार्गों पर देखा गया, जहां से मुख्यमंत्री का काफिला गुजरने वाला है।
फगवाड़ा के निवासियों का आरोप है कि यह केवल दिखावे के लिए किया जा रहा है और स्थायी समाधान की बजाय अस्थायी मरम्मत पर जोर दिया जा रहा है।
दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि यह नियमित रखरखाव का हिस्सा है और शहर की सड़कों को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
भगवंत मान की ‘शुकराना यात्रा’ राज्य सरकार की एक प्रमुख पहल मानी जा रही है, जिसके तहत मुख्यमंत्री विभिन्न स्थानों का दौरा कर जनता से संवाद करते हैं और सरकारी योजनाओं का फीडबैक लेते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के दौरे अक्सर स्थानीय प्रशासन को सक्रिय कर देते हैं, लेकिन इससे यह सवाल भी उठता है कि क्या विकास कार्य केवल विशेष अवसरों के लिए ही किए जाते हैं।
पंजाब में इस मुद्दे को लेकर विपक्ष ने भी सरकार पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि यदि पहले से ही नियमित रूप से काम होता, तो इस तरह की जल्दबाजी की जरूरत नहीं पड़ती।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि शहर में स्थायी और गुणवत्तापूर्ण विकास कार्य किए जाएं, ताकि उन्हें बार-बार असुविधा का सामना न करना पड़े।
फिलहाल, फगवाड़ा में यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
यह घटनाक्रम यह दर्शाता है कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और निरंतरता कितनी जरूरी होती है।
