5 मई 2026 : रोहतक स्थित PGIMS रोहतक में आयुष्मान भारत योजना के तहत कम नामांकन (enrolment) को लेकर चिंता जताई गई है। यह मुद्दा स्वास्थ्य सेवाओं तक गरीब और जरूरतमंद लोगों की पहुंच से जुड़ा होने के कारण बेहद अहम माना जा रहा है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, योजना के तहत पात्र लाभार्थियों की संख्या काफी अधिक है, लेकिन इसके मुकाबले पंजीकरण बेहद कम है। इससे यह संकेत मिलता है कि या तो लोगों को योजना की पूरी जानकारी नहीं है या फिर पंजीकरण प्रक्रिया में कुछ दिक्कतें आ रही हैं।
आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाता है। इसके बावजूद, यदि लोग इस योजना से जुड़ नहीं पा रहे हैं, तो यह एक गंभीर मुद्दा बन जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है that जागरूकता की कमी इसका मुख्य कारण हो सकती है। कई लोगों को यह पता ही नहीं होता कि वे इस योजना के लिए पात्र हैं या उन्हें कैसे पंजीकरण कराना है।
PGIMS रोहतक के डॉक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों ने इस दिशा में जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उनका कहना है कि अधिक से अधिक लोगों को इस योजना का लाभ मिलना चाहिए।
इसके अलावा, पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने और डिजिटल प्लेटफॉर्म को अधिक उपयोगकर्ता-friendly बनाने की भी बात कही जा रही है।
रोहतक और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह योजना काफी फायदेमंद साबित हो सकती है, खासकर उन लोगों के लिए जो महंगे इलाज का खर्च उठाने में सक्षम नहीं हैं।
स्थानीय प्रशासन ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है और संबंधित विभागों के साथ मिलकर समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो कई जरूरतमंद लोग इस योजना के लाभ से वंचित रह सकते हैं।
फिलहाल, इस मुद्दे को लेकर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन सक्रिय हो गए हैं और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में पंजीकरण संख्या में सुधार होगा।
यह घटनाक्रम यह दर्शाता है कि केवल योजना बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे सही तरीके से लागू करना और लोगों तक पहुंचाना भी उतना ही जरूरी है।
