चंडीगढ़, 29 अप्रैल:
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने धान के सीजन से पहले किसानों के लिए बड़ी राहत का एलान करते हुए कहा कि सिंचाई के लिए नहरी पानी पहली मई से ही उपलब्ध करा दिया जाएगा, जिसके लिए प्रदेश भर की नहरों में 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा, जो पंजाब की जमीन के नीचे पानी पर भारी निर्भरता को खत्म करेगा। सिंचाई के बुनियादी ढांचे में 6,700 करोड़ के निवेश, 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन नेटवर्क और 7,000 नए बने राजबाहों और कस्सियों के साथ भगवंत मान सरकार ने इस शानदार कदम को चार ज़ोनों में 8-घंटे बिजली सप्लाई शेड्यूल के साथ जोड़ा है ताकि बुआई को सुचारू बनाया जा सके।
यह कदम न केवल धान के लिए सिंचाई सुनिश्चित करता है, बल्कि मालवा क्षेत्र में कपास, बागवानी और चारे वाली मक्की के लिए नहरी पानी की उपलब्धता को भी सुरक्षित करता है, जबकि भूजल रिचार्ज में ठोस लाभ प्रदान करता है, जिसके स्तर में 2 से 4 मीटर का इजाफा हो रहा है, जो प्रदेश की जल प्रबंधन रणनीति में संरचनात्मक बदलाव का संकेत है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर कहा, “आज चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पंजाब के जल संसाधनों, कृषि और युवाओं के उज्जवल भविष्य के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। हमारा मुख्य उद्देश्य भूजल के उपयोग को कम करना और यह सुनिश्चित करना है कि नहरी पानी हर खेत तक पहुंचे।”
उन्होंने आगे कहा, “सिंचाई बुनियादी ढांचे में 6,700 करोड़ का ऐतिहासिक निवेश किया गया है। इस सीजन में 14,000 किलोमीटर नई पाइपलाइनों और 4,000 किलोमीटर नई नहरों के निर्माण के साथ 1 मई से नहरों में पूरा पानी छोड़ा जाएगा। फाज़िल्का और अबोहर जैसे टेल (छोर) पर पड़ने वाले क्षेत्रों को भी 2 मई तक पानी मिल जाएगा। पानी रिचार्ज करने के प्रयासों के कारण जमीन के नीचे पानी का स्तर दो से चार मीटर बढ़ा है। इसके साथ बिजली बचाने और मजदूरों के लिए सुविधा सुनिश्चित करने के लिए धान की बुआई को चार ज़ोनों में बांटा गया है। सीधी बुआई 15 मई से शुरू होगी और 1 जून से नहरी पानी की सप्लाई चरणबद्ध तरीके से प्रदान की जाएगी। मैं यह भी स्पष्ट करना चाहता हूं कि ऑस्ट्रेलिया से वापस भेजे जा रहे पंजाबियों को हर संभव सहायता दी जाएगी।”
उन्होंने पोस्ट में कहा, “सरकार युवाओं को रोजगार प्रदान करने और प्रदेश में पानी की हर बूंद को बचाकर आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पूरी तरह से वचनबद्ध है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पहली बार पंजाब के किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए पहली मई से प्रदेश में पानी छोड़ा जा रहा है।” उन्होंने जोर देकर कहा, “हमारी सरकार पानी की हर बूंद बचाने के लिए वचनबद्ध है। किसी और प्रदेश को पानी की एक बूंद भी अतिरिक्त नहीं दी गई, न ही पाकिस्तान को कोई पानी भेजा जा रहा है।”
टिकाऊ सिंचाई साधनों की ओर बदलाव की बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमने यह सुनिश्चित किया है कि नहरी पानी पर निर्भरता बढ़ाई जाए ताकि ट्यूबवेलों पर दबाव को कम किया जा सके।” उन्होंने आगे कहा, “मार्च 2026 तक पंजाब सरकार ने पूरे पंजाब में सिंचाई कार्यों पर 6,700 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।”
अधिक विवरण देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस राशि का उपयोग प्रदेश भर में 14,000 किलोमीटर पाइप बिछाने और कस्सियाँ बनाने के लिए किया गया है।” उन्होंने आगे कहा, “इस धान सीजन से पहले, 4,000 किलोमीटर नए बने राजबाहों और 3,000 किलोमीटर पाइपलाइनों को चालू कर दिया जाएगा।” उन्होंने कहा, “इन पाइपलाइनों और कस्सियों में 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा ताकि उनकी जांच की जा सके और किसी भी कमी को दूर किया जा सके।”
इस पहल के स्तर के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “छोड़ा जा रहा पानी दो भाखड़ा नहरों की सप्लाई के बराबर है और किसानों को बहुत लाभ पहुंचाएगा।” उन्होंने आगे कहा, “यह विशेष रूप से मालवा क्षेत्र के किसानों को बागों और कपास, मक्की तथा चारे जैसी फसलों की बुआई के साथ-साथ धान की खेती के लिए खेत तैयार करने में मदद करेगा।”
इसके लंबे समय के लाभकारी होने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह पानी विभिन्न रिचार्ज योजनाओं के माध्यम से भूजल को रिचार्ज करने में भी मदद करेगा, जिससे आने वाली पीढ़ियों को लाभ होगा।” उन्होंने आगे कहा, “बागवानी, खासकर फाज़िल्का और अबोहर इलाकों में इससे लाभ होगा क्योंकि उन्हें अब ट्यूबवेलों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।”
भूजल संरक्षण पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “नहरों और नदियों में रिचार्ज प्वाइंट बनाए गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप पानी के स्तर में दो से चार मीटर का इजाफा हुआ है।” उन्होंने आगे कहा, “यह फैसला आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से लिया गया है क्योंकि पंजाब का अस्तित्व उसके पानी से है और पानी के बिना प्रदेश की कोई होशियारी नहीं है।”
अन्य उपलब्धियाँ साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह गर्व की बात है कि पंजाब सरकार के प्रयासों के परिणामस्वरूप पिछले एक साल में 21 लाख घन मीटर पानी रिचार्ज किया गया है।”
फसल योजना के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अक्टूबर में नमी की मात्रा अधिक होने के कारण किसानों को धान बेचने में आने वाली मुश्किलों से बचने के लिए पंजाब सरकार ने पहली जून से धान की खरीद शुरू करने का फैसला किया है।” उन्होंने आगे कहा, “धान की ज़ोन-वार खेती सही योजना और प्रबंधन के साथ की जाएगी।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “सभी जिलों में 15 मई से धान की सीधी बुआई शुरू होगी, जिसके लिए आठ घंटे निर्बाध बिजली सप्लाई मिलेगी।” उन्होंने आगे कहा, “पहली जून से गुरदासपुर, पठानकोट, अमृतसर, तरन तारन, रोपड़, एस.ए.एस. नगर, श्री फतेहगढ़ साहिब और होशियारपुर में धान की बुआई शुरू हो जाएगी।”
उन्होंने आगे बताया, “पांच जून से फरीदकोट, बठिंडा, फिरोजपुर, श्री मुक्तसर साहिब और फाज़िल्का में बुआई शुरू हो जाएगी और 9 जून से लुधियाना, मलेरकोटला, मानसा, मोगा, पटियाला, संगरूर, बरनाला, कपूरथला, जालंधर और शहीद भगत सिंह नगर में शुरू हो जाएगी।”
