10 अप्रैल 2026 : हरियाणा में जनसमस्याओं के समाधान को लेकर सरकार ने अपनी सक्रियता तेज कर दी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने ‘समाधान शिविरों’ की कार्यप्रणाली की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की शिकायतों का तेजी से और प्रभावी तरीके से निपटारा किया जाए।
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान कहा कि ‘समाधान शिविर’ सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इन शिविरों के जरिए आम लोग अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के सामने रख सकते हैं, जिससे उनके समाधान में तेजी लाई जा सकती है।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों से मिली रिपोर्ट्स का अवलोकन किया और पाया कि कई मामलों में शिकायतों के निपटारे की गति संतोषजनक नहीं है। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी हिदायत देते हुए कहा कि लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द निपटाया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि हर शिकायत का रिकॉर्ड ठीक से रखा जाए और उसकी प्रगति पर लगातार नजर रखी जाए। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाए कि शिकायतकर्ता को समय पर जानकारी दी जाए और उसे बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी कहा कि वे शिविरों के दौरान लोगों के साथ संवेदनशील व्यवहार करें और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनें। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल औपचारिकताएं पूरी करना नहीं, बल्कि लोगों की वास्तविक समस्याओं का समाधान करना होना चाहिए।
इस पहल के तहत विभिन्न विभागों के अधिकारी एक ही स्थान पर मौजूद रहते हैं, जिससे लोगों को अलग-अलग दफ्तरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे समय की बचत होती है और शिकायतों का समाधान भी तेजी से होता है।
सरकार का मानना है कि ‘समाधान शिविर’ प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इसके जरिए न केवल समस्याओं का समाधान होता है, बल्कि लोगों का सरकार पर विश्वास भी मजबूत होता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की पहल तभी सफल हो सकती है जब इसकी नियमित निगरानी और मूल्यांकन किया जाए। साथ ही, अधिकारियों की जवाबदेही तय करना भी जरूरी है, ताकि शिकायतों के निपटारे में किसी तरह की लापरवाही न हो।
मुख्यमंत्री ने अंत में यह स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
