10 अप्रैल 2026 : गुरुग्राम में शहरी सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई एक आधुनिक पार्किंग परियोजना अब ‘घोस्ट पार्किंग’ बनकर रह गई है। भव्य उद्घाटन के कई महीने बीत जाने के बावजूद यह सुविधा अभी तक आम जनता के लिए नहीं खोली गई है, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
यह पार्किंग सुविधा शहर में बढ़ती वाहन संख्या और पार्किंग की समस्या को ध्यान में रखते हुए बनाई गई थी। उद्घाटन के समय इसे स्मार्ट सिटी पहल के तहत एक बड़ी उपलब्धि बताया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्किंग स्थल पूरी तरह तैयार दिखाई देता है, लेकिन इसके गेट पर अब भी ताले लगे हुए हैं। इससे आसपास की सड़कों पर अवैध पार्किंग की समस्या बनी हुई है और ट्रैफिक जाम की स्थिति भी पैदा होती रहती है।
सूत्रों के मुताबिक, इस परियोजना के संचालन में तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनें सामने आ रही हैं। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि पार्किंग सिस्टम के प्रबंधन, शुल्क निर्धारण और संचालन एजेंसी को लेकर स्पष्टता नहीं होने के कारण इसे शुरू नहीं किया जा सका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की परियोजनाओं में केवल निर्माण ही नहीं, बल्कि समय पर संचालन भी उतना ही जरूरी होता है। अगर सुविधाएं शुरू ही नहीं होंगी, तो उनका उद्देश्य पूरा नहीं हो पाएगा और सार्वजनिक धन का सही उपयोग भी नहीं हो सकेगा।
विपक्षी नेताओं और स्थानीय प्रतिनिधियों ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार और प्रशासन से जवाब मांगा है। उनका कहना है कि जनता के पैसे से बनी इस परियोजना को लंबे समय तक बंद रखना उचित नहीं है और इसे जल्द से जल्द शुरू किया जाना चाहिए।
वहीं, प्रशासन का कहना है कि कुछ प्रक्रियात्मक कार्य पूरे होने बाकी हैं और जल्द ही इस सुविधा को जनता के लिए खोल दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, सभी आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद पार्किंग को चालू कर दिया जाएगा।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर शहरी विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन जल्द ही इस ‘घोस्ट पार्किंग’ को चालू करेगा, ताकि उन्हें राहत मिल सके और शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार हो सके।
