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श्री दरबार साहिब पहुंचा ईरानी प्रतिनिधिमंडल, अमेरिका को दी कड़ी चेतावनी

अमृतसर 08 अप्रैल 2026 इरान के सुप्रीम लीडर के कार्यालय से जुड़े एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने आज सचखंड श्री दरबार साहिब में नतमस्तक होने पहुंचे। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल के सदस्य डॉ. मुहम्मद हुसैन जिवांद ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अधिकारियों से मुलाकात की और SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी तथा श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को दिल्ली में होने वाले एक विशेष कार्यक्रम के लिए निमंत्रण दिया।

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डॉ. जिवांद ने बताया कि 12 अप्रैल को दिल्ली स्थित ‘इरान कल्चर हाउस’ में इरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला सैयद अली खामेनेई की शहादत की याद में 40वें दिन का स्मृति कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिख धर्म और इस्लाम दोनों में शहादत का विशेष महत्व है और दोनों ही मानते हैं कि शहीद हमेशा जीवित और अमर रहते हैं। उन्होंने पंजाब विधानसभा द्वारा इरान के समर्थन में पारित प्रस्ताव की सराहना करते हुए भारत-इरान के 5 हजार साल प्राचीन संबंधों का भी उल्लेख किया।

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मीडिया से बातचीत के दौरान डॉ. जिवांद ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मौजूदा युद्धविराम अस्थायी है, जबकि इरान स्थायी शांति चाहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते वर्षों में हुए हमलों में इरान के निर्दोष बच्चों, स्कूलों और अस्पतालों को निशाना बनाया गया। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो व्यक्ति दिन में इरान को मिटाने की बात करता है, वही रात में शांति की अपील करता है। उन्होंने बताया कि इरान ने अमेरिका को अपनी शर्तें मानने के लिए 10 दिन का समय दिया है।

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इरानी अधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि तय समय के भीतर इरान की शर्तें नहीं मानी गईं और नुकसान की भरपाई नहीं की गई, तो 11वें दिन इरान अमेरिका और इजराइल पर पहले से कहीं अधिक ताकत से जवाबी कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि इरान अब किसी भी तरह के युद्धविराम पर तब तक भरोसा नहीं करेगा, जब तक संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद इसकी ठोस गारंटी नहीं देते। साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए आगे आने की अपील की।

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