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CBI ने चंडीगढ़ मोहाली अस्पतालों में बड़ा ECHS घोटाला उजागर किया

4 अप्रैल, 2026:*  केंद्रीय जांच ब्यूरो ने आज एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चंडीगढ़ और मोहाली के कई निजी सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों में चल रहे एक बड़े घोटाले का खुलासा किया है। यह मामला एक्स-सर्विसमैन कंट्रीब्यूटरी हेल्थ स्कीम से जुड़ा हुआ है, जिसके तहत पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाती हैं।

आज सुबह से ही जांच एजेंसी की टीमों ने ट्राइसिटी के कई अस्पतालों, डायग्नोस्टिक सेंटरों और संबंधित लोगों के ठिकानों पर छापेमारी शुरू की, जो देर तक जारी रही। इस दौरान बड़ी मात्रा में दस्तावेज, कंप्यूटर रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सबूत जब्त किए गए हैं, जिनके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क के जरिए फर्जी मेडिकल बिल बनाए जा रहे थे और मरीजों के नाम पर ऐसे इलाज दिखाए जा रहे थे जो वास्तव में किए ही नहीं गए थे। कई मामलों में मरीजों को आईसीयू या वेंटिलेटर पर दिखाकर लाखों रुपये के बिल तैयार किए गए, जबकि वे कभी अस्पताल में भर्ती ही नहीं हुए थे।

जांच एजेंसियों को यह भी पता चला है कि एक ही मरीज के नाम पर अलग-अलग अस्पतालों में बार-बार इलाज दिखाकर रकम निकाली जा रही थी। इस तरह एक संगठित तरीके से सरकारी योजना के पैसों का दुरुपयोग किया जा रहा था।

इस पूरे मामले में अस्पतालों के साथ-साथ कुछ निजी एजेंसियों की भूमिका भी सामने आई है, जो मरीजों को अस्पतालों तक भेजने और कागजी प्रक्रिया को संभालने का काम करती थीं। इसके बदले उन्हें कमीशन दिया जाता था। जांच के दौरान कुछ जगहों से फर्जी दस्तावेज, नकली रिपोर्ट और एडिट किए गए मेडिकल रिकॉर्ड भी बरामद हुए हैं।

यह घोटाला केवल एक शहर तक सीमित नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसकी कड़ियां आसपास के राज्यों तक भी फैली हो सकती हैं। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क के सभी जुड़े लोगों की पहचान करने में जुटी हुई हैं और यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कुल कितनी राशि का घोटाला हुआ है।

इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों के बीच भी चिंता का माहौल है। जिन अस्पतालों के नाम सामने आ रहे हैं, वहां भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

इस मामले को बेहद गंभीर माना जा रहा है क्योंकि यह सीधे तौर पर उन लोगों से जुड़ा है जिन्होंने देश की सेवा की है। उनके इलाज के नाम पर इस तरह का फर्जीवाड़ा सामने आना कई सवाल खड़े करता है।

फिलहाल जांच जारी है और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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