01 अप्रैल 2026 : दिल्ली-Meerut एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने वाले लोगों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। अब इस प्रमुख एक्सप्रेसवे पर सफर करना महंगा हो गया है, क्योंकि टोल शुल्क में बढ़ोतरी कर दी गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा लागू किए गए नए टोल रेट्स के अनुसार हल्के और भारी दोनों प्रकार के वाहनों के लिए शुल्क में वृद्धि की गई है।
यह एक्सप्रेसवे दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच एक महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी प्रदान करता है और हर दिन हजारों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में टोल दरों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम यात्रियों, निजी वाहन चालकों, बस ऑपरेटरों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ेगा।
नए टोल रेट्स लागू होने के बाद कार, जीप और वैन जैसे हल्के वाहनों को पहले की तुलना में अधिक शुल्क देना होगा। वहीं, ट्रक, बस और अन्य भारी वाहनों के लिए भी टोल दरों में बढ़ोतरी की गई है। इससे लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई की लागत में इजाफा हो सकता है, जिसका असर बाजार में वस्तुओं की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि टोल दरों में यह बढ़ोतरी हर साल होने वाली सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है, जो सड़क के रखरखाव, सुरक्षा और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए की जाती है। हालांकि, आम जनता के लिए यह बढ़ी हुई लागत चिंता का विषय बन सकती है, खासकर उन लोगों के लिए जो रोजाना इस एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करते हैं।
एक्सप्रेसवे की खासियत यह है कि यह हाई-स्पीड कॉरिडोर है, जिससे दिल्ली से मेरठ का सफर काफी कम समय में पूरा किया जा सकता है। पहले जहां इस दूरी को तय करने में काफी समय लगता था, वहीं अब यह सफर करीब एक घंटे के भीतर पूरा हो जाता है। यही वजह है कि यह मार्ग बेहद लोकप्रिय हो चुका है।
टोल दरों में बढ़ोतरी के बावजूद इस एक्सप्रेसवे पर यातायात की संख्या में ज्यादा कमी आने की संभावना नहीं है, क्योंकि यह मार्ग समय की बचत और बेहतर ड्राइविंग अनुभव प्रदान करता है। हालांकि, कुछ वाहन चालक वैकल्पिक मार्गों का रुख कर सकते हैं ताकि अतिरिक्त खर्च से बचा जा सके।
NHAI की ओर से यह भी कहा गया है कि टोल से प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग सड़क के रखरखाव, सुरक्षा उपायों और अन्य सुविधाओं के विकास के लिए किया जाएगा। इससे यात्रियों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी और यात्रा अधिक सुरक्षित और आरामदायक बनेगी।
इस बीच, यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले नए टोल रेट्स की जानकारी जरूर लें और उसी अनुसार अपने सफर की योजना बनाएं। डिजिटल पेमेंट और FASTag के माध्यम से भुगतान करने पर समय की बचत भी की जा सकती है।
कुल मिलाकर, दिल्ली-Meerut एक्सप्रेसवे पर टोल दरों में बढ़ोतरी ने यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ जरूर डाला है, लेकिन बेहतर सड़क सुविधाओं और समय की बचत के कारण यह मार्ग आगे भी लोगों की पहली पसंद बना रहेगा।
