बारामती 31 मार्च 2026 : बारामती विधानसभा उपचुनाव को लेकर पहले ही दिन एक चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। स्थानीय स्तर से एक भी नामांकन नहीं आने के बजाय बाहरी उम्मीदवारों ने सीधे पर्चा दाखिल कर दिया, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस घटनाक्रम से बारामती की पारंपरिक राजनीति में नए समीकरण बनने के संकेत मिल रहे हैं।
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, बारामती और राहुरी विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल 2026 को मतदान होगा, जबकि 4 मई को मतगणना की जाएगी। ये सीटें राज्य के दिवंगत उपमुख्यमंत्री Ajit Pawar और राहुरी के विधायक शिवाजी भानुदास कर्डिले के निधन के कारण खाली हुई हैं।
पहले ही दिन तीन उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया, जिनमें कोई भी बारामती का स्थानीय नहीं है। जत तालुका के सतीश कृष्णा कदम ने हिंदुस्तान जनता पार्टी से, सातारा के सागर शरद भिसे ने निर्दलीय और सोलापुर जिले के सांगोला के राघू घुटुकडे ने न्यू राष्ट्रीय समाज पार्टी की ओर से पर्चा भरा है।
इस अप्रत्याशित स्थिति से स्थानीय नेताओं और दावेदारों में असमंजस का माहौल है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि प्रमुख राजनीतिक दल अपने आधिकारिक उम्मीदवार किसे घोषित करते हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस ने भी इस उपचुनाव में उतरने का संकेत दिया है और जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक में इसे लेकर सहमति बन चुकी है।
इसके अलावा, ओबीसी नेता लक्ष्मण हाके के भी चुनाव मैदान में उतरने की चर्चाएं तेज हैं, जिससे मुकाबला और दिलचस्प होने की संभावना है। वहीं, अजित पवार के निधन के बाद होने वाले इस उपचुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की ओर से उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के मैदान में उतरने की बात लगभग तय मानी जा रही है।
अब यह देखना अहम होगा कि नामांकन वापसी की अंतिम तारीख तक कितने उम्मीदवार मैदान में बने रहते हैं और बारामती की यह चुनावी लड़ाई किस दिशा में आगे बढ़ती है।
