31 मार्च 2026 : पूर्वी दिल्ली के ब्रह्मपुरी इलाके में बीते दो महीनों से सीवर जाम की समस्या ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि गलियों में गंदा पानी भर गया है और लगातार जलभराव के कारण स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बदबू और गंदगी के बीच रहने को मजबूर लोग अब स्वास्थ्य संबंधी खतरों को लेकर भी चिंतित हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित विभागों में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। सीवर लाइन के जाम होने के कारण गंदा पानी सड़कों और घरों के बाहर जमा हो रहा है, जिससे न केवल आवाजाही प्रभावित हो रही है, बल्कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरा और भी बढ़ गया है। कई जगहों पर हालात इतने खराब हैं कि लोगों को घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है।
जलभराव के कारण मच्छरों की संख्या में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जिससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। गंदे पानी के संपर्क में आने से त्वचा रोग और अन्य संक्रमण भी फैलने की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय डॉक्टरों का कहना है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो इलाके में स्वास्थ्य संकट गहरा सकता है।
इलाके के निवासियों ने आरोप लगाया है कि संबंधित नगर निगम और जल बोर्ड के अधिकारी इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। उनका कहना है कि सफाई और मरम्मत का काम समय पर नहीं होने के कारण हालात बद से बदतर हो गए हैं। कई बार अस्थायी रूप से सीवर की सफाई की जाती है, लेकिन कुछ ही दिनों में समस्या फिर से लौट आती है।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, सीवर लाइन की पूरी तरह से मरम्मत हो और नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, जलभराव वाले क्षेत्रों में तुरंत पानी निकालने की व्यवस्था की जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके।
कुल मिलाकर, ब्रह्मपुरी की यह समस्या केवल एक स्थानीय असुविधा नहीं बल्कि एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बनती जा रही है। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो इसके परिणाम और भी गंभीर हो सकते हैं।
