• Sat. Mar 28th, 2026

अशोक खरात : मुर्गी चोरी के कारण पिता ने घर से निकाला, 12 साल बाद हांगकांग से आया पत्र

नाशिक 28 मार्च 2026 : बहुचर्चित भोंदू बाबा ‘कैप्टन’ अशोक खरात की गिरफ्तारी के बाद उसके जीवन से जुड़े कई चौंकाने वाले किस्से फिर चर्चा में आ गए हैं। कहांडलवाड़ी गांव से एक मामूली मुर्गी चोरी के आरोप में निकाला गया यह शख्स करीब 12-15 साल बाद ‘हांगकांग रिटर्न कैप्टन’ बनकर लौटा, जिसकी कहानी आज भी लोगों के लिए रहस्य बनी हुई है।

मुर्गी चोरी के बाद छोड़ा गांव
सिन्नर तालुका के कहांडलवाड़ी गांव में एक गरीब किसान परिवार में जन्मा अशोक उर्फ लक्ष्मण बचपन से ही शरारती स्वभाव का था। गांव में मुर्गियां चुराना और अंडे बेचने जैसे कामों के कारण उसकी बदनामी हो गई थी। करीब 1984 में एक चोरी के मामले में पकड़े जाने के बाद गांव में हंगामा मच गया। अंततः उसके पिता ने भी गुस्से में उसे घर से निकाल दिया।

50 रुपये लेकर निकला सफर पर
घर से निकाले जाने के बाद उसने गांव छोड़ने का फैसला किया। एक परिचित के यहां रात बिताने के बाद अगले दिन नौकरी की तलाश में निकल पड़ा। गांव के एक बुजुर्ग ने उसे 50 रुपये दिए और बस स्टैंड तक छोड़ दिया। वहीं एक रिश्तेदार ने भी 50 रुपये और दिए। इन 100 रुपयों के सहारे वह गांव से चला गया।

12 साल बाद हांगकांग से आया पत्र
इसके बाद कई वर्षों तक उसका कोई पता नहीं चला। करीब 12 साल बाद उसी बुजुर्ग को हांगकांग से उसका पत्र मिला, जिसमें उसने लिखा कि वह वहां काम कर रहा है और जल्द वापस आएगा। उसने उन 50 रुपयों को याद कर आभार भी जताया था।

‘कैप्टन’ बनकर गांव में वापसी
करीब 1994-95 में वह गांव लौटा, लेकिन इस बार उसकी पहचान ‘कैप्टन’ के रूप में थी। वह खुद को नेवी में कैप्टन बताने लगा। उसका बदला हुआ रहन-सहन देखकर गांववालों में उसके प्रति उत्सुकता और संदेह दोनों पैदा हो गए।

गांव में डर और दूरी
कोलकाता में उसके कथित कारनामों की चर्चा के बाद गांव में उसके प्रति डर का माहौल बन गया। लोग अपने युवाओं को उससे दूर रखने लगे। यह भी कहा जाता था कि वह लोगों को अपने साथ ले जाता है और फिर वे वापस नहीं आते।

कोलकाता की कहानी ने बढ़ाया रहस्य
एक बार वह गांव के एक युवक को जीप में बैठाकर कोलकाता ले गया। करीब दो महीने बाद वह युवक अकेला वापस लौटा और उसने बताया कि वहां अशोक के कुछ साथी आपराधिक गतिविधियों में शामिल थे। डर के कारण वह वहां से भाग निकला।

यह पूरी कहानी अशोक खरात के रहस्यमयी और विवादित जीवन को दर्शाती है, जो एक साधारण गांव के युवक से ‘कैप्टन’ बनने तक कई सवाल खड़े करती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *