मुंबई 27 मार्च 2026 : राज्य के राजस्व विभाग की एक बड़ी चूक के कारण सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। Comptroller and Auditor General of India (CAG) की ताज़ा रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि दस्तावेजों के गलत वर्गीकरण के चलते स्टांप ड्यूटी कम दर पर लगाई गई, जिससे करीब 10.50 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ।
रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई की एक प्रॉपर्टी का मूल्य पहले 62.28 करोड़ रुपये आंका गया था, जिस पर 3.11 करोड़ रुपये स्टांप ड्यूटी वसूली गई। लेकिन ऑडिट में उसी संपत्ति का वास्तविक मूल्य 100.11 करोड़ रुपये पाया गया। इस हिसाब से करीब 5 करोड़ रुपये स्टांप ड्यूटी लगनी चाहिए थी, जबकि केवल 1.89 करोड़ रुपये ही वसूले गए, जिससे बड़ा राजस्व घाटा सामने आया।
लीज एग्रीमेंट में भी गड़बड़ी
CAG रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि लीज एग्रीमेंट के मामलों में गंभीर त्रुटियां हुईं। एक करार, जो वास्तविक रूप से 10 साल का था, उसे 5 साल का मानकर स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस कम वसूली गई। इससे करीब 29.71 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
टैक्स सिस्टम में और भी खामियां
रिपोर्ट में एमवीएटी (MVAT) नियमों के तहत अतिरिक्त छूट दिए जाने के कारण 96.84 लाख रुपये का टैक्स और उस पर ब्याज वसूला नहीं गया। वहीं जीएसटी के तहत ई-वे बिल सिस्टम में भी बड़ी खामियां सामने आई हैं। कुछ करदाताओं ने ‘निल’ रिटर्न दाखिल किया, लेकिन वास्तव में उन्होंने लेन-देन किया था। ऐसे मामलों में करीब 3.53 करोड़ रुपये का टैक्स अभी भी बकाया है।
CAG की सिफारिशें
CAG ने अपनी रिपोर्ट में कर वसूली प्रणाली को मजबूत करने, जांच प्रक्रिया को सख्त बनाने और ई-वे बिल सिस्टम को अधिक प्रभावी करने के लिए तुरंत कदम उठाने की सिफारिश की है। इसके तहत अधिकारियों को बेहतर प्रशिक्षण देने, आईटीसी (Input Tax Credit) की वसूली सुनिश्चित करने और वित्तीय खातों के सही समायोजन पर जोर दिया गया है।
कुल मिलाकर, यह रिपोर्ट सरकारी तंत्र में मौजूद खामियों और सुधार की जरूरत को उजागर करती है, ताकि भविष्य में इस तरह के राजस्व नुकसान को रोका जा सके।
