मुंबई 24 मार्च 2026 : Narhari Zirwal ने राज्य में खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि मिलावटखोरों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विधान परिषद में कहा कि खाने-पीने की चीजों में मिलावट करने वालों पर Maharashtra Control of Organised Crime Act (मकोका) के तहत केस दर्ज किया जाएगा।
यह मुद्दा विधायक मनीषा कायंदे द्वारा उठाया गया था। इस पर जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि वर्सोवा पुलिस के साथ मिलकर अंधेरी (पश्चिम) के नवजीत नगर इलाके में सात जगहों पर छापेमारी की गई, जहां नामी ब्रांड जैसे अमूल और गोकुल के लेबल लगाकर दूध में मिलावट का बड़ा रैकेट पकड़ा गया। इस मामले में अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
विधान परिषद में इस मुद्दे पर जोरदार बहस भी देखने को मिली। विधायक भाई जगताप और अनिल परब ने सरकार से सवाल किया कि जब मिलावट सीधे लोगों की जान के लिए खतरा बन सकती है, तो ऐसे मामलों में मकोका क्यों नहीं लगाया जा रहा। शुरुआत में मंत्री झिरवाळ ने कहा कि मकोका की तर्ज पर नया कानून लाने पर विचार किया जा रहा है, लेकिन इस पर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया।
लगातार सवालों के दबाव के बाद आखिरकार मंत्री ने सदन की भावना को देखते हुए साफ घोषणा की कि मिलावटखोरों पर मकोका के तहत ही कार्रवाई की जाएगी। इस फैसले को खाद्य सुरक्षा के लिहाज से बड़ा कदम माना जा रहा है।
मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में स्टाफ की भारी कमी है। कुल 2,544 स्वीकृत पदों में से केवल 1,271 पद ही भरे हुए हैं। बाकी पदों को भरने के लिए प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा गया है और इस पर प्रक्रिया जारी है। साथ ही, 197 कर्मचारियों की भर्ती कर उन्हें प्रशिक्षण के बाद तैनात किया गया है।
उन्होंने कहा कि मिलावट पर रोक लगाने के लिए छापेमारी और जांच अभियानों को और तेज किया जाएगा। वहीं, विधायक भाई जगताप ने तंज कसते हुए कहा कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों को दूध और उससे बने उत्पाद खाने में भी डर लगता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में अधिकारियों और पुलिस की मिलीभगत भी हो सकती है।
कुल मिलाकर, राज्य में बढ़ती मिलावट की घटनाओं को देखते हुए सरकार अब सख्त रुख अपनाने के मूड में है, और मकोका के तहत कार्रवाई का फैसला इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
