नई दिल्ली 23 मार्च 2026 : हिमालयी क्षेत्रों में जोरदार बर्फबारी और मैदानों में बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। पश्चिमी विक्षोभ ने मार्च में ही अचानक बढ़ रही गर्मी पर अंकुश लगा दिया। उत्तराखंड में गंगोत्री, यमुनोत्री, बदरीनाथ, केदारनाथ व हेमकु्ंड साहिब में बर्फ की चादर बिछ गई है तो हिमाचल के मनाली, केलंग और लाहुल-स्पीति के ऊंचे क्षेत्रों में निरंतर हिमपात हो रहा है।
जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी के कारण श्रीनगर-लेह और राजौरी व पुंछ को शोपियां (कश्मीर) से जोड़ने वाले मुगल रोड पर वाहनों की आवाजाही बंद की गई है। यूपी, दिल्ली, पंजाब, मध्य प्रदेश और राजस्थान सहित उत्तर भारत में कई जगह झोंकेदार हवा व गरज-चमक के साथ बारिश हुई। तापमान में खासी गिरावट दर्ज की गई है।
कई राज्यों में अलर्ट?
मौसम विभाग ने कई राज्यों में आंधी और बारिश के साथ ओले गिरने का अलर्ट जारी किया है। उत्तर-पूर्व भारत में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। वहीं पश्चिम हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी का दौर रह सकता है।
उत्तराखंड में पिथौरागढ़ में पंचाचूली, हंसलिंग, राजरंभा, नंदा देवी और ओम पर्वत पर बर्फबारी हुई, जिससे ये पर्वत शृंखलाएं चांदी की तरह चमकने लगी हैं। चमोली के पर्यटन स्थल औली में बर्फबारी से पर्यटकों के चेहरे खिल उठे हैं।
शिमला, मनाली सहित कई क्षेत्रों में ठंडी हवाओं के साथ वर्षा का क्रम जारी है। जम्मू-कश्मीर में गुरुवार को भूस्खलन के कारण रियासी के माहौर और चसाना मार्ग बंद हो गया है। मौसम में बदलाव से जम्मू-कश्मीर के अधिकांश हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से छह से 10 डिग्री नीचे चल रहा है।
कई राज्यों में अचानक बदला मौसम
यूपी में अचानक बदला मौसम, दिल्ली में गुरुवार सबसे ठंडा दिनउत् र प्रदेश के पश्चिमी जिलों में मौसम में बुधवार देर शाम अचानक बदलाव दिखा, जिससे दिल्ली से सटे जिलों नोएडा, गाजियाबाद और आसपास तेज हवा के साथ बारिश हुई।
दिल्ली में गर्मियों के इस सीजन में गुरुवार सबसे ठंडा दिन रहा। 19 मार्च को तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री कम यानी 26.8 डिग्री रिकार्ड किया गया। दिल्ली में 0.5 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई। मध्य प्रदेश कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा के साथ ओले भी गिरे हैं। राजस्थान में लगातार दूसरे दिन सीकर, जैसलमेर सहित कई जिलों में बारिश हुई है। अलवर व कोटतपुतली जिलों में बारिश के साथ ओले भी गिरे हैं।
आखिर क्यों बना मार्च ऑल वेदर?
मार्च का मौसम अब सीधी गर्मी की बजाय मिश्रित मौसम का दौर बनता जा रहा है। समझिए इन बिंदुओं से…
वेस्टर्न डिस्टरबेंस की लगातार एंट्री : लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ से उत्तर व मध्य भारत में बादल, बारिश और ठंडी हवाएं पहुंच रही हैं, जिससे मौसम बदल रहा।
नमी और तापमान का टकराव : हवा में बढ़ती नमी और तेजी से
बढ़ते तापमान के टकराव से बादल बनते हैं, उमस, हल्की बारिश और अचानक ठंडक महसूस होती।
गर्मी से पहले प्री-समर फेज
संक्रमण काल में सर्दी और गर्मी के दबाव बदलाव के कारण मौसम अस्थिर रहता है और बार-बार करवट बदलता है।
मौसम वैज्ञानिक एच.एस. पांडे के मुताबिक, एक सप्ताह के भीतर दो वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो रहे हैं। इनमें से एक का प्रभाव मप्र पर पड़ सकता है। कुछ इलाकों में बादल और हल्की वर्षा से तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
