22 मार्च 2026 : मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का काम अब तेजी पकड़ने वाला है। मुंबई के भूमिगत हिस्से के लिए टनल खुदाई जल्द शुरू होगी, जिससे तय समय में ट्रेन शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है। इस काम के लिए जरूरी दो टनल बोरिंग मशीन 23 मार्च को जवाहरलाल नेहरू पोर्ट पर पहुंचेंगी।
पहले मशीन का कुछ हिस्सा सितंबर 2025 में ही आ गया था, लेकिन चीन से सप्लाई में देरी के कारण काम अटक गया था। अब दोनों मशीनों के पूरे पार्ट्स पहुंचने के बाद उन्हें जोड़कर करीब 3 महीने में खुदाई शुरू कर दी जाएगी।
बीकेसी से शिळफाटा तक 20.37 किमी लंबा हिस्सा पूरी तरह भूमिगत होगा। इसमें करीब 7 किमी सुरंग ठाणे की खाड़ी के नीचे से गुजरेगी, जो सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। यह सुरंग जमीन से 25 से 65 मीटर गहराई में होगी, जबकि पारसिक पहाड़ियों के नीचे यह गहराई 114 मीटर तक जाएगी।
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन देश की पहली हाई-स्पीड ट्रेन होगी, जो 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। कुल 508 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट में सूरत से वापी के बीच 97 किमी का हिस्सा अगस्त 2027 तक शुरू करने की योजना है। आगे चलकर देश में 7 और बुलेट ट्रेन कॉरिडोर बनाने की भी तैयारी है, जिनमें मुंबई-पुणे रूट भी शामिल है।
