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अशोक खरात के काले कारनामों पर विधानसभा में बड़ा खुलासा होगा; IPS सातपुते की टीम ने कसा शिकंजा

22 मार्च 2026 : भविष्य की घटनाओं का डर दिखाकर महिला से दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी अशोक खरात उर्फ ‘कैप्टन’ के काले कारनामों का खुलासा नासिक में केस दर्ज होने से पहले ही हो गया था। शिर्डी पुलिस में मॉर्फ वीडियो को लेकर मामला दर्ज होते ही खरात के खिलाफ जांच तेज हो गई। इसके बाद सामने आए अन्य मामलों को देखते हुए एसआईटी ने जांच को रफ्तार दी है। पुलिस ने पीड़िताओं की तलाश शुरू कर दी है और महाराष्ट्र पुलिस अकादमी (एमपीए) में भी पूछताछ की गई है।

नासिक के सरकारवाड़ा थाने में 28 वर्षीय पीड़िता की 17 मार्च को दी गई शिकायत के आधार पर अशोक कुमार खरात के खिलाफ दुष्कर्म और जादू-टोना विरोधी कानून के तहत केस दर्ज किया गया है। शनिवार को पुलिस ने खरात का मेडिकल करवाकर उससे 6 घंटे से अधिक समय तक सख्त पूछताछ की।

वहीं, शिर्डी पुलिस स्टेशन में एक पीड़िता की शिकायत पर खरात के ‘ऑफिस बॉय’ नीरज जाधव के खिलाफ फरवरी के अंत में मामला दर्ज हुआ था। इसी के बाद पुलिस ने खरात की पूरी पृष्ठभूमि खंगालनी शुरू की। 13 मार्च को शिर्डी और वावी थानों में दर्ज मामलों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया। नासिक में एक और पीड़िता के सामने आने के बाद यह मामला भी एसआईटी को सौंप दिया गया।

एसआईटी इस पूरे मामले की जांच बेहद गोपनीय तरीके से कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, नासिक पुलिस मुख्यालय के ‘हिमांशु’ गेस्ट हाउस में जांच के साथ-साथ महाराष्ट्र पुलिस अकादमी में भी कुछ लोगों से पूछताछ की गई।

शनिवार को क्या हुआ?

  • वावी खंडणी मामले में एक संदिग्ध को हिरासत में लेने की चर्चा रही
  • मंत्री दीपक केसरकर के करीबी दीपक लोंढे को हिरासत में लेने की भी चर्चा, हालांकि एसआईटी ने पुष्टि नहीं की
  • एसआईटी में नासिक शहर, ग्रामीण और अहिल्यानगर की महिला पुलिस निरीक्षक शामिल
  • गोपनीयता बनाए रखने के लिए जांच में निजी वाहनों का इस्तेमाल
  • एसआईटी प्रमुख आईपीएस तेजस्वी सातपुते से मिलने कई इलाकों से लोग पहुंचे
  • नासिक शहर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को जांच से दूर रखा गया

मामला 1: खरात से खंडणी (29 दिसंबर 2025)

  • थाना: वावी (नासिक ग्रामीण)
  • शिकायतकर्ता: अशोक कुमार खरात उर्फ कैप्टन
  • आरोपी: दिनेश मनाजी परब (मुंबई) और राजेंद्र अशोक जासुद (पुणे)

क्या है मामला?
आरोपियों ने व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क कर दावा किया कि उनके पास खरात के महिलाओं के साथ आपत्तिजनक फोटो हैं। बदनामी की धमकी देकर ‘सेटलमेंट’ के लिए 5 करोड़ रुपये की मांग की गई। खरात ने इन तस्वीरों को फर्जी बताते हुए पैसे देने से इनकार किया।

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