नई दिल्ली 22 मार्च 2026 : दिल्ली पर्यटकों का भी हब है। यहां कई धरोहर व ऐतिहासिक इमारतें, बाजार और स्थान हैं। साथ ही यह देशभर में जाने वाले पर्यटकों का ट्रांजिट प्वाइंट भी है। फिर भी पर्यटन स्थलों के आसपास अतिक्रमण, पार्किंग समेत अन्य समस्या गंभीर है।
पर्यटन क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों की मांग है कि आने वाले बजट में इन समस्याओं के निस्तारण के लिए प्रमुखता से कदम उठाए जाएं।
टूटी सड़कों की समस्या भी गंभीर
इसी तरह पहाड़गंज व करोल बाग समेत अन्य स्थान होटलों के हब हैं, जहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक ठहरते हैं पर वहां भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। पहाड़गंज में पेयजल आपूर्ति की समस्या के साथ लटकते बिजली के तार और टूटी सड़कों की समस्या भी गंभीर है।
वहीं टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर भी स्पीड गवर्नर व पैनिक बटन की अनिवार्यता से भ्रष्टाचार और टूरिस्ट वाहनों के पंजीयन की धीमी रफ्तार से राहत की मांग कर रहे हैं।
दिल्ली टैक्सी एंड टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट ने कहा कि पैनिक बटन के नाम पर प्रत्येक वाहन से 10 हजार रुपये लिए जा रहे हैं, लेकिन उससे संबंधित आधारभूत ढांचा ही नहीं है। कोई कंट्रोल रूम नहीं है, लेकिन वसूली जारी है।
वहीं होटल महासंघ के अध्यक्ष अजय अग्रवाल के अनुसार पर्यटन स्थलों के आस-पास अतिक्रमण के साथ गंदगी रहती है। अच्छी बात है कि सरकार ने इस दिशा में काफी प्रयास किया है। वैसे दिल्ली को उत्सवों का शहर बनाया है, जिससे पर्यटकों की संख्या में बढ़ोत्तरी आई है पर दिक्कत आधारभूत सुविधाओं की कमी की है।
