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अशोक खरात प्रकरण : रुपाली चाकणकर ने डीजीपी से की मुलाकात, जांच तेज करने के दिए निर्देश

मुंबई 21 मार्च 2026 : अशोक खरात प्रकरण को लेकर राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा रुपाली चाकणकर मुश्किल में आ गई हैं। अशोक खरात ने कई महिलाओं का यौन शोषण किया है, जो अब सार्वजनिक हुआ है। जानकारी के अनुसार अशोक खरात के करीब 100 आपत्तिजनक वीडियो पुलिस के हाथ लगे हैं।

दूसरी ओर, अशोक खरात की गिरफ्तारी के बाद विपक्षी नेताओं ने राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा रुपाली चाकणकर को लगातार निशाना बनाया है। उनसे इस्तीफा मांगा जा रहा है। अशोक खरात और रुपाली चाकणकर की कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें रुपाली चाकणकर अशोक खरात का पाद्यपूजन करती हुई दिखाई दे रही हैं। इसके कारण सोशल मीडिया पर उनके इस्तीफे की मांग तेज हो गई है।

इन घटनाओं के बाद रुपाली चाकणकर ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अशोक खरात प्रकरण की सख्त और निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस महासंचालक सदानंद दाते से मुलाकात की। इस मुलाकात में उन्होंने राज्य महिला आयोग की ओर से पुलिस महासंचालक को पत्र सौंपा। पत्र में उन्होंने कहा कि अशोक खरात महिला अत्याचार प्रकरण की सख्त और वस्तुनिष्ठ जांच हो, उच्चस्तरीय जांच कर सच्चाई सामने आए और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाएं। रुपाली चाकणकर ने ट्वीट कर पत्र का फोटो भी साझा किया।

रुपाली चाकणकर का पूरा पत्र:

“महोदय, नासिक के स्वयंघोषित ज्योतिषी अशोक खरात (कैप्टन) ने एक 35 वर्षीय महिला के साथ पिछले तीन वर्षों से बार-बार बलात्कार और धमकी देने की धक्कादायक घटना को अंजाम दिया है। इस प्रकरण में नासिक पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है और उसके पास 58 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो पाए जाने की जानकारी मीडिया के माध्यम से प्राप्त हुई है।”

“महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग इस घटना को अत्यंत गंभीरता से ले रहा है। यह प्रकरण केवल एक महिला तक सीमित नहीं है, बल्कि आरोपी ने श्रद्धा का गलत फायदा उठाकर कई महिलाओं का यौन शोषण किया हो सकता है। इस प्रकरण की गंभीरता और व्यापकता को देखते हुए राज्य सरकार ने इस जांच के लिए SIT (विशेष जांच दल) नियुक्त किया है। IPS अधिकारी तेजस्वी सातपुते के नेतृत्व में इस प्रकरण की निष्पक्ष और शीघ्र जांच सुनिश्चित होगी। महिला आयोग की ओर से आपको सूचित किया जाता है कि:”

  1. सख्त और निष्पक्ष जांच: प्रकरण में आरोपी के समाज के विभिन्न स्तरों से संबंध होने के कारण, जांच पर कोई राजनीतिक या बाहरी दबाव न पड़े, इसका ध्यान रखते हुए SIT द्वारा निष्पक्ष जांच कराई जाए।
  2. पीड़ितों की सुरक्षा: मिले 58 वीडियो में शामिल पीड़ित महिलाओं की पहचान गुप्त रखी जाए और उन्हें शिकायत दर्ज कराने में विश्वास में लिया जाए तथा आवश्यक पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए।
  3. कठोर कानूनी कार्रवाई: यदि आरोपी ने डिजिटल प्रमाणों (वीडियो) का ब्लैकमेलिंग के लिए उपयोग किया है, तो IT Act के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए।
  4. समयबद्ध जांच: प्रकरण की जांच निर्धारित समय सीमा में पूरी की जाए और जल्द से जल्द चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत की जाए ताकि पीड़ित महिलाओं को न्याय मिल सके।

“महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग इस प्रकरण की जांच पर लगातार नजर रखेगा। जांच की प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर आयोग को प्रस्तुत करने की सूचना नासिक पुलिस कमिश्नर को दी जाए।”

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