मुंबई 17 मार्च 2026 : चार दशकों से चर्चा में रहे बीडीडी चॉल पुनर्विकास प्रोजेक्ट को आखिरकार गति मिल गई है। नायगाव में स्थित इस प्रोजेक्ट के तहत 864 पुनर्वसन सदनिकाओं का वितरण सोमवार को मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis के हस्ते किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने 15,593 पुनर्वसन घरों का निर्माण पूरा कर दिसंबर 2029 तक सभी लाभार्थियों को घर प्रदान करने का लक्ष्य रखा है।
5 टॉवर तैयार:
म्हाडा के माध्यम से वरळी, नायगाव और ना. म. जोशी मार्ग, परळ में बीडीडी चॉल पुनर्विकास प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है। नायगाव के प्रोजेक्ट का नाम ‘डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर बीडीडी संकुल’ रखा गया है। इस संकुल में दो पुनर्वसन इमारतों में कुल 20 टॉवर बनाए जाएंगे। पहले चरण में आठ टॉवरों में से पांच टॉवरों की 864 सदनिकाओं का वितरण किया गया।
बीडीडी चॉल पुनर्विकास लंबे समय तक अटका रहा था। तकनीकी अड़चनें और मतभेदों के कारण प्रोजेक्ट में देरी हुई थी। इसलिए इसे बिल्डरों पर छोड़ने के बजाय सरकार ने स्वयं म्हाडा के माध्यम से इसे कार्यान्वित करने का निर्णय लिया। नई इमारतों में अत्याधुनिक सुविधाएं दी गई हैं, जिससे रहिवासियों के जीवन स्तर में सुधार होगा। मुख्यमंत्री ने नायगाव के भवानी माता मंदिर के लिए 900 वर्ग फुट जगह उपलब्ध कराने की भी घोषणा की।
500 सदनिकाएँ मुफ्त:
इस मौके पर उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde ने कहा, “बीडीडी चॉल के पुराने निवासियों को 500 वर्ग फुट की अत्याधुनिक सदनिकाएँ मुफ्त में दी जा रही हैं। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से मुंबई के हृदयस्थल में निवासियों को उनके हक के घर मिल रहे हैं। पुनर्वसन इमारतों का 12 साल तक रखरखाव म्हाडा द्वारा किया जाएगा।”
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने भी इसे रहिवासियों के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। कई परिवार, जो वर्षों तक केवल 160 वर्ग फुट के कमरों में रहते थे, अब 500 वर्ग फुट की आधुनिक सदनिकाओं में शिफ्ट होंगे और इस साल गुढीपाडवा का उत्सव नए घर में मनाएंगे।
इस अवसर पर विधायक कालिदास कोलंबकर ने स्थानीय निवासियों की मांगों को रखा। साथ ही विधान परिषद के सभापति प्रा. राम शिंदे, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार मंत्री एवं मुंबई उपनगर सह पालकमंत्री मंगलप्रभात लोढा, सूचना प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
यह पुनर्विकास प्रोजेक्ट मुंबई के मध्य में रह रहे पुराने निवासियों के लिए एक नई शुरुआत साबित होगा, जिससे उन्हें बेहतर जीवनशैली और आधुनिक सुविधाओं के साथ स्थायी आवास मिलेगा।
