चंडीगढ़, 2 मार्च 2026 – पारिवारिक संस्कार, अनुशासन और शिक्षा के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए स्वर्गीय लाला बनवारी लाल भोजराज जी की पोती सौम्या मित्तल ने प्रथम प्रयास में ही चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) फाइनल परीक्षा उत्तीर्ण कर अपने परिवार एवं क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है।
सौम्या मीरा नर्सिंग कॉलेज के चेयरमैन डॉ. गौरीशंकर मित्तल एवं श्री सनातन धर्म सभा के प्रधान रामप्रकाश मित्तल की भतीजी तथा विक्रम मित्तल एवं सोनिया मित्तल की सुपुत्री हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने दादा स्व. श्री भोज राज मित्तल को देते हुए कहा कि बचपन से ही उन्होंने उन्हें शिक्षा का महत्व समझा कर प्रेरित किया – “हमेशा मन लगाकर पढ़ाई करो, शिक्षा जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है।”
सौम्या बचपन से ही पढ़ाई में अत्यंत प्रतिभाशाली रही हैं। उसकी ओर से प्रारंभिक शिक्षा ओ.पी. बंसल मॉडर्न स्कूल, मंडी गोविंदगढ़ से की, जबकि उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के साथ दसवीं उत्तीर्ण की। +2 (कॉमर्स) भवन विद्यालय, चंडीगढ़ से करके 98% अंक हासिल कर मित्तल परिवार का नाम रोशन किया। इसके बाद इसका चयन Shri Ram College of Commerce, दिल्ली विश्वविद्यालय में हुआ और वहां पर उन्होंने बी.कॉम (ऑनर्स) की पढ़ाई की। कॉलेज अध्ययन के दौरान ही उन्होंने सीए की तैयारी प्रारंभ कर दी। बिना किसी कोचिंग के घर पर रहकर अध्ययन करते हुए उन्होंने सीए इंटर प्रथम प्रयास में उत्तीर्ण किया। इसके पश्चात उन्होंने प्रतिष्ठित संस्था Ernst & Young (EY) में तीन वर्ष की आर्टिकलशिप पूरी की और वहां सीए फाइनल परीक्षा भी प्रथम प्रयास में पास कर ली।
सौम्या प्रतिदिन 10–12 घंटे नियमित अध्ययन करती थीं। उनका मानना है कि मोबाइल फोन का सीमित उपयोग, एकाग्रता और निरंतर मेहनत सफलता की कुंजी है। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि “मोबाइल का उपयोग कम करें, अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें और नियमित मेहनत करें – सफलता निश्चित है।”

परिवारजनों के अनुसार स्वर्गीय लाला बनवारी लाल भोजराज जी सदैव शिक्षा को जीवन की सबसे बड़ी पूंजी मानते थे। उनके मार्गदर्शन और पारिवारिक मूल्यों ने पोतियों को शिक्षा के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी है। सौम्या की यह उपलब्धि उसी परंपरा का जीवंत उदाहरण है।
व्यवसाय में रुचि रखने वाली सौम्या भविष्य में एक नवाचार आधारित स्टार्टअप शुरू करना चाहती हैं और अपने माता-पिता, दादा-दादी एवं परिवार का नाम ऊँचा करना चाहती हैं। उनका छोटा भाई केशव मित्तल वर्तमान में Kirori Mal College, दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम की पढ़ाई कर रहा है।
सौम्या मित्तल की सफलता यह बात का प्रमाण है कि मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन से कोई भी लक्ष्य निश्चित रूप से होता है।
